इल्तिजा मुफ्ती के ‘हिंदुत्व’ वाले बयान पर सियासी बवाल, कांग्रेस ने भी दी कड़ी प्रतिक्रिया
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी और पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती के हालिया बयान पर राजनीतिक बवाल मच गया है। उन्होंने हिंदुत्व और हिंदू धर्म को लेकर टिप्पणी की थी, जिसे लेकर हर ओर से आलोचनाएं हो रही हैं। उनके इस बयान पर कांग्रेस और बीजेपी, दोनों ही पार्टियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
क्या कहा था इल्तिजा मुफ्ती ने?
न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए इल्तिजा मुफ्ती ने कहा, “हिंदुत्व और हिंदू धर्म में बहुत बड़ा अंतर है। हिंदुत्व नफरत की भावना है, जिसे सावरकर ने 1940 के दशक में फैलाया था। इसका उद्देश्य हिंदुओं का आधिपत्य स्थापित करना और यह दर्शाना था कि भारत केवल हिंदुओं के लिए है। वहीं, हिंदू धर्म इस्लाम की तरह एक ऐसा धर्म है जो धर्मनिरपेक्षता, प्रेम और करुणा को बढ़ावा देता है। हमें इसे जानबूझकर विकृत नहीं करना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “आज ‘जय श्री राम’ का नारा रामराज्य के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल नहीं हो रहा, बल्कि इसे भीड़ हिंसा के दौरान इस्तेमाल किया जा रहा है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हिंदू धर्म को इस तरह से विकृत किया जा रहा है।”
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
इल्तिजा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि किसी भी धर्म को बदनाम करना गलत है। उन्होंने कहा,
“किसी घटना के आधार पर पूरे धर्म को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। सनातन धर्म या किसी भी अन्य धर्म के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। दुर्भाग्य से, दोनों तरफ कुछ कट्टरपंथी और जहरीले लोग हैं। हमें इन दोनों तरफ के कट्टरपंथियों की आलोचना करनी चाहिए। लेकिन किसी भी धर्म की निंदा नहीं की जानी चाहिए।”
बीजेपी ने भी किया पलटवार
बीजेपी ने इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के नेता अजय आलोक ने कहा, “सबसे बड़ी बीमारी तो मुफ्ती परिवार ही है। यह परिवार सिर्फ जम्मू-कश्मीर के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए समस्या है। अगर उन्हें हिंदुत्व एक बीमारी लगती है, तो वे इससे दूर रहें। यदि इस बीमारी ने उन्हें जकड़ लिया है, तो वे इससे बच नहीं पाएंगे।”
