एआई इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के बाद सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर, घरेलू हिंसा और दहेज कानून में सुधार की मांग
नई दिल्ली। एआई इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या मामले की पूरे देश में चर्चा हो रही है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इस याचिका में दहेज के मामलों में पति और उसके परिवार वालों के लिए सुरक्षा, घरेलू हिंसा कानूनों में सुधार की मांग की गई है। साथ ही याचिका में यह भी कहा गया है कि शादी में मिले उपहारों और रुपयों का रिकॉर्ड भी विवाह पंजीकरण के दौरान रखा जाए। अतुल सुभाष ने आत्महत्या से पहले पत्नी और ससुराल वालों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए 1 घंटा 20 मिनट का वीडियो बनाया था जिसमें उन्होंने अपने साथ हुई प्रताड़ना का जिक्र किया था। उन्होंने 24 पन्नों का एक सुसाइड लेटर भी छोड़ा है।
वहीं अतुल सुभाष ने जौनपुर की एक जज पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि जज ने केस को रफा-दफा करने के नाम पर 5 लाख रुपए मांगे थे। इस पूरे प्रकरण में लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। एक ओर जहां अतुल सुभाष के माता पिता बहुत दुखी हैं और उनकी मां की तबियत सही नहीं है तो वहीं दूसरी तरफ उनकी सास ने इन आरोपों को बेबुनियाद करार दिया। हालांकि मामले के तूल पकड़ने के बाद अतुल सुभाष की सास और उनका साला जौनपुर के अपने घर में ताला लगाकर कहीं चले गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उनका फोन भी बंद जा रहा है।
अतुल सुभाष ने अपने वीडियो में कहा है कि जब तक मुझे इंसाफ न मिले तब तक मेरी अस्थियों का विसर्जन नहीं किया जाए। अगर कोर्ट मुझे इंसाफ देने में नाकाम रहता है तो मेरी अस्थियों को कोर्ट के पास किसी नाले में बहा दिया जाए। अतुल सुभाष आत्महत्या मामले के बाद अब दहेज कानून, लड़के वालों को बेवजह फंसाए जाने को लेकर बहस छिड़ गई है। कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिनमें लड़के वालों को जबर्दस्ती दहेज के मुकदमे में फंसा दिया गया।
