February 16, 2026

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विराट कोहली के BGT में खराब प्रदर्शन पर भड़का ये पूर्व क्रिकेटर, दे डाली विराट को लेकर बड़ी नसीहत

नई दिल्ली। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 का पांचवां और आखिरी टेस्ट मैच सिडनी में खेला गया। इस मुकाबले में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा और इसके साथ ही वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2023-25 में भारत का सफर समाप्त हो गया। ऑस्ट्रेलिया ने पांच मैचों की इस टेस्ट सीरीज को 3-1 से जीतकर टीम इंडिया को करारी शिकस्त दी।

भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप

इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। टीम के स्टार बल्लेबाज, जिनमें रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे बड़े नाम शामिल हैं, संघर्ष करते नजर आए। हालांकि, कोहली ने पहले टेस्ट में शतक जड़ा था, लेकिन इसके बाद उनका प्रदर्शन लगातार गिरता चला गया। पांच टेस्ट मैचों की नौ पारियों में कोहली ने सिर्फ 23.75 के औसत से 190 रन बनाए।

इरफान पठान ने कोहली को लेकर की तीखी टिप्पणी

पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज इरफान पठान ने स्टार स्पोर्ट्स पर बातचीत में टीम इंडिया में “सुपरस्टार कल्चर” खत्म करने की वकालत की। उन्होंने कहा, “टीम को सुपरस्टार कल्चर से बाहर आना होगा और टीम कल्चर को अपनाना होगा। खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। विराट कोहली ने एक दशक से घरेलू क्रिकेट नहीं खेला। ऐसे में, आपको टीम में युवा खिलाड़ियों को मौका देना चाहिए।”

कोहली के आंकड़ों पर उठाए सवाल

इरफान पठान ने कोहली के प्रदर्शन के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि पिछले पांच सालों में पहली पारी में कोहली का औसत 30 से भी कम रहा है। उन्होंने कहा, “2024 में पहली पारी में कोहली का औसत सिर्फ 15 रहा है। क्या ऐसे प्रदर्शन के साथ एक सीनियर खिलाड़ी टीम में बने रह सकते हैं? इसकी बजाय किसी युवा खिलाड़ी को मौका देना बेहतर होगा, जो कम से कम 25-30 का औसत तो देगा।”

“तकनीकी गलतियों पर काम करना जरूरी”

पठान ने कोहली की तकनीकी खामियों पर भी बात की। उन्होंने कहा, “विराट कोहली भारत के लिए बहुत कुछ कर चुके हैं, लेकिन वह लगातार एक ही गलती पर आउट हो रहे हैं। यह तकनीकी खामी है, जिसे सुधारने की जरूरत है। उनके पास सुनील गावस्कर जैसे दिग्गज से बात करने का विकल्प है। इसे सुधारने में कितना समय लगता है?”

टीम इंडिया में बदलाव की मांग

इरफान पठान ने यह भी कहा कि भारतीय क्रिकेट को अब बदलाव की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने घरेलू क्रिकेट के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि खिलाड़ी अगर घरेलू स्तर पर खेलकर अपनी तकनीक और फॉर्म सुधारेंगे, तो इसका फायदा राष्ट्रीय टीम को मिलेगा।