संभल में बिजली चोरी के 1400 से ज्यादा मामलों का पर्दाफाश, मस्जिद और मदरसों के प्रबंधन भी जुर्माने की जद में
संभल। 24 नवंबर 2024 को हिंसा के बाद से ही यूपी का संभल चर्चा में है। अब खबर संभल में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का पर्दाफाश भी हुआ है। बिजली विभाग के मुताबिक संभल में जांच के दौरान बिजली चोरी के 1400 से ज्यादा मामलों का खुलासा हुआ है। संभल की 16 मस्जिदों और 2 मदरसों पर भी बिजली चोरी का आरोप है। संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर भी बिजली चोरी का आरोप लगा था। बिजली विभाग ने संभल में बिजली चोरी करने वालों पर 11 करोड़ रुपए का जुर्माना ठोका है। इसमें से 20 लाख रुपए जुर्माना वसूला भी जा चुका है।
संभल में 2 दिन पहले ही बिजली चोरी के और 42 मामले भी सामने आए हैं। बिजली विभाग के अनुसार बिजली चोरी की जांच और जुर्माने के एक्शन के बाद संभल की 22 मस्जिदों और एक चर्च ने बिजली के नए कनेक्शन के लिए आवेदन दिया है। संभल में जांच के दौरान पता चला कि रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक लोड में असामान्य बढ़ोतरी दर्ज की जाती रही। संभल में बिजली विभाग ने ऐसी जगहों को तलाश लिया है, जहां रात में लोड में बढ़ोतरी होती रही है। बिजली विभाग और संभल प्रशासन ने तय किया है कि बिजली चोरी के आरोप में घिरे किसी को भी राहत नहीं दी जाएगी और एक-एक पैसे का जुर्माना वसूला जाएगा। बता दें कि बिजली संबंधी जुर्माने की राशि भू-राजस्व की तरह वसूली करने का प्रावधान है। यानी अगर जुर्माना न भरा गया, तो संबंधित का मकान जब्त कर उसे नीलाम कर बिजली विभाग जुर्माना वसूल सकता है।
संभल में 24 नवंबर 2024 को कोर्ट के आदेश पर शाही जामा मस्जिद का सर्वे हो रहा था। इस सर्वे के दौरान हिंसा भड़की थी। उपद्रवियों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया था। कई गाड़ियों को आग के हवाले किया गया था। इस उपद्रव और हिंसा के बाद प्रशासन ने सख्ती बरती और फिर बिजली विभाग भी हरकत में आया। नतीजे में बिजली चोरी करने वाले पकड़े जाने लगे। जिन इलाकों में पहले बिजली विभाग के कर्मचारी जांच के लिए जाने से डरते थे, वहां भी बड़ी तादाद में पुलिस तैनात कर छापे मारे गए।
