क्या है जिओ कॉइन? मुकेश अंबानी लाने जा रहे अपनी क्रिप्टो करंसी!
नई दिल्ली। मुकेश अंबानी जल्द ही क्रिप्टो करंसी के बिजनेस में भी एंट्री मार सकते हैं। अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) अपना खुद का जियो कॉइन लॉन्च करने जा रही है। हालांकि कंपनी की तरफ से अभी तक इस संबंध में कोई भी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है लेकिन बिटिनिंग के सीईओ काशिफ रजा ने इस संबंध में अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जानकारी साझा की है। आइए आपको बताते हैं कि जियो कॉइन है क्या, इसका कैसे, किन जगहों पर यूज किया जा सकता है और इसके क्या फायदे होंगे।
जियो ने इंटरनेट टेक्नोलॉजी कंपनी पॉलीगॉन लैब्स के साथ मिलकर जियो कॉइन को लॉन्च करने जा रहा है। जिया कॉइन के जरिए जियो यूजर्स को बहुत फायदा होने वाला है। जियो के ऐप्स के जरिए यूजर्स इस क्रिप्टो करेंसी का इस्तेमाल कर सकेंगे। यूजर्स मोबाइल रिजार्च करने या रिलायंस के गैस स्टेशनों में शॉपिंग करने के लिए जियो कॉइन का इस्तेमाल कर पाएंगे। जियो एप्स पर यूजर्स जितना एक्टिव होंगे वो उतने ही ज्यादा जियो कॉइन अर्न कर सकेंगे। यूजर्स के जियो कॉइन वेब 3 वॉलेट में जमा होते रहेंगे। इन कॉइन के जरिए जियो यूजर्स को जियो की विभिन्न सर्विसेज पर डिस्काउंट जैसे कई लाभ मिल सकेंगे।
ब्लॉकचेन, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स, डिजिटल एसेट्स और क्रिप्टोकरेंसी, केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्राएं (सीबीडीसी) और एनएफटी सहित टोकन जैसी नई टेक्नोलॉजी वेब 3 का सपोर्ट करती हैं। भारत में वेब3 और ब्लॉकचेन डेब्यू के लिए पॉलीगॉन प्रोटोकॉल्स की डेवलपर ब्रांच है। अंबानी ने जियो कॉइन के लिए पॉलीगॉन के साथ डील की है। जियो कॉइन से जियो यूजर्स को अलग तरह का अनुभव मिलेगा। बिटिनिंग के सीईओ काशिफ रजा के मुताबिक अगर जियो कॉइन का लॉन्च सफल होता है, तो ब्लॉकचेन की कथित उपयोगिता और उसके कारण पॉलीगॉन का मार्केट कैप बढ़ सकता है। पॉलीगॉन पर अधिक परियोजनाएं और टोकन पीओएल की मांग को बढ़ा सकते हैं, जिसका उपयोग पॉलीगॉन नेटवर्क के भीतर लेनदेन शुल्क, स्टेकिंग के लिए किया जाता है।
