April 25, 2026

Hind foucs news

hindi new update

करोड़ देने को तैयार लेकिन मेहनत नहीं करना चाहते भारतीय इंजीनियर ! अमेरिकी टेक कंपनी के सीईओ ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया

नई दिल्ली। पिछले दिनों काम के घंटे को लेकर बड़ी बहस छिड़ी थी। इन्फोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति ने हफ्ते में 70 घंटे और एलएंडटी चेयरमैन एसएन सुब्रहमण्यम ने 90 घंटे काम की वकालत की थी। सुब्रहमण्यम ने तो ये तक कहा था कि कब तक घर पर बैठकर पत्नी को निहारते रहोगे। इसके बाद नारायण मूर्ति और एसएन सुब्रहमण्यम को सोशल मीडिया पर तंज का सामना करना पड़ा था। अब अमेरिका की टेक कंपनी Giga ML के सीईओ और आईआईटी खड़गपुर के एलुमनी वरुण वुम्माडी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा है कि भारत में उनकी कंपनी की शाखा के लिए 3 से 8 साल की योग्यता वाले कई इंजीनियर 1 करोड़ रुपए की बेस सैलरी पर भी मेहनत करने को तैयार नहीं हैं।

वरुण वुम्माडी ने लिखा है कि भारत में इंजीनियरों की काफी तादाद है, जो इतनी बड़ी रकम के बाद भी हफ्ते में 6 दिन काम नहीं करना चाहते। भारत में इंजीनियरों के इस तौर-तरीके से परेशान महसूस कर रहे वरुण का कहना है कि ऐसे इंजीनियर अपने करियर की शुरुआत या मध्य में हैं। उन्होंने अपने माता-पिता का उदाहरण दिया है। वरुण वुम्माडी का कहना है कि उनके माता-पिता सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। वरुण ने कहा है कि उनके माता-पिता अब भी हफ्ते में 6 दिन काम करते हैं। वरुण का कहना है कि 3 से 8 साल नौकरी की योग्यता वालों के लिए 1 करोड़ रुपए सालाना की बेस सैलरी काफी ठीक ही है।

वरुण वुम्माडी का कहना है कि जो लोग मेहनत करना चाहते हैं, उम्मीद है कि वे इस वायरस की चपेट में नहीं आएंगे। वरुण का कहना है कि कई स्टार्टअप ऐसे हैं, जहां हफ्ते में 6 या 7 दिन काम होता है। वरुण वुम्माडी ने एलन मस्क का उदाहरण दिया है और कहा है कि वो जीवित उदाहरण हैं कि आप मेहनत से कहां पहुंच सकते हैं। वरुण वुम्माडी के सोशल मीडिया पोस्ट पर अलग-अलग तरह के रिएक्शन आए हैं। किसी ने उनका समर्थन किया है, तो कुछ ने उलट बात कही है। वरुण वुम्माडी के ऊपर दिए सोशल मीडिया पोस्ट के रिप्लाई सेक्शन में जाकर आप प्रतिक्रियाएं दे सकते हैं।