June 30, 2026

Hind foucs news

hindi new update

अच्छा पोषण, भरपूर नींद और खुद को चैलेंज…पीएम नरेंद्र मोदी ने स्टूडेंट्स को दिए एग्जाम की टेंशन दूर करने टिप्स

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने हर साल की तरह इस साल भी बोर्ड परीक्षाओं से पहले स्टूडेंट्स से मिलकर बातचीत की और उनकी टेंशन को दूर करने का प्रयास किया। दिल्ली स्थित सुंदर नर्सरी में ‘परीक्षा पे चर्चा 2025’ कार्यक्रम के तहत छात्रों के साथ बातचीत करते हुए पीएम ने उन्हें परीक्षा को लेकर तनाव मुक्त रहने के टिप्स दिए और परीक्षा के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। पीएम ने इस दौरान स्टूडेंट्स से उनके खान-पान और पोषण के बारे में भी बातचीत की। मोदी बोले, बीमारी न होने का मतलब यह नहीं कि हम स्वस्थ हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हमारे समाज में दुर्भाग्य से ये घुस गया कि अगर हम स्कूल में इतने नंबर नहीं लाए, 10वीं-12वीं में इतने नंबर नहीं आए तो जिंदगी तबाह हो जाएगी और इसलिए पूरे घर में तनाव हो जाता है, ऐसे में आपको खुद को तैयार करना है। इस तनाव को मन में ना लें और तय करें कि आपको आज कितना पढ़ना है, ये अगर आप कर लेते हैं, तो आप इस तनाव से खुद को निकाल सकते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ थोड़ा रिलेक्स होने की भी जरूरत है। इसके लिए माता-पिता को समझाए कि रोबोट की तरह नहीं जी सकते।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हमारे समाज में दुर्भाग्य से ये घुस गया कि अगर हम स्कूल में इतने नंबर नहीं लाए, 10वीं-12वीं में इतने नंबर नहीं आए तो जिंदगी तबाह हो जाएगी और इसलिए पूरे घर में तनाव हो जाता है, ऐसे में आपको खुद को तैयार करना है। इस तनाव को मन में ना लें और तय करें कि आपको आज कितना पढ़ना है, ये अगर आप कर लेते हैं, तो आप इस तनाव से खुद को निकाल सकते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ थोड़ा रिलेक्स होने की भी जरूरत है। इसके लिए माता-पिता को समझाए कि रोबोट की तरह नहीं जी सकते।

क्रिकेट मैच का दिया उदाहण

मोदी ने कहा, दबाव हर किसी से आता है जो कहता है, यह करो, वह करो। जरा सोचिए, जब कोई क्रिकेट मैच चल रहा होता है, तो स्टेडियम में भीड़ चिल्लाती है, ‘सिक्स’ या ‘फोर’ लेकिन क्या बल्लेबाज उनकी बात सुनता है? नहीं, वह गेंद पर ध्यान केंद्रित करता है। अगर वह हर बार भीड़ की बात पर छक्का मारेगा तो क्या होगा। इसी तरह, आपको भी बाहरी दबाव के बारे में चिंता करना बंद कर के अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करना है।

खुद को देना होगा चैलेंज

प्रधानमंत्री ने स्टूडेंट्स से कहा, इंसान को खुद को चुनौती देनी चाहिए। बहुत से लोग अपनी लड़ाई खुद नहीं लड़ते हैं। क्या आपने कभी खुद से लड़ाई लड़ने का फैसला किया है? ऐसा करने के लिए, आपको सबसे पहले खुद को समझने की जरूरत है। क्या आपने कभी खुद से पूछा है कि आप जीवन में क्या बन सकते हैं, आप क्या कर सकते हैं और क्या वास्तव में आपको किस बात से संतुष्टि मिलेगी?