‘चीन को दुश्मन मानना बंद करना होगा…ये उससे अन्याय’, राहुल गांधी के करीबी सैम पित्रोदा के बयान से गर्मा सकती है सियासत
नई दिल्ली। राहुल गांधी के करीबी और इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के नेता सैम पित्रोदा अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं। सैम पित्रोदा ने अब चीन का नाम लेकर ऐसी बात कही है, जिससे विवाद खड़ा हो सकता है। सैम पित्रोदा ने कहा है कि उनको चीन से खतरा समझ में नहीं आता। सैम पित्रोदा ने कहा कि चीन से किसी खतरे को बढ़ा-चढ़ाकर बताया जाता है। इसकी वजह अमेरिका का किसी को दुश्मन बताने वाला रवैया है। सैम पित्रोदा ने कहा कि हमारा व्यवहार पहले से ही टकराव वाला रहा है और इससे दुश्मन बनते हैं और उनको भारत के भीतर से भी समर्थन मिलता है। कांग्रेस के नेता ने कहा कि हमें अपना रवैया बदलना होगा और चीन को दुश्मन मानना बंद करना होगा। उन्होंने कहा कि ये चीन ही नहीं, सभी के लिए अन्याय है।
सैम पित्रोदा का चीन संबंधी ये बयान विवाद पैदा कर सकता है। इसकी वजह है कि चीन ने भारत को 1962 की जंग में हराया था और हजारों किलोमीटर जमीन कब्जे में कर ली थी। 2020 में भी चीन के सैनिकों के साथ गलवान में भारतीय सेना का खूनी संघर्ष हुआ था। जिसमें चीन के 40 से ज्यादा जवान मारे गए थे और भारत के कर्नल समेत 20 जवान शहीद हुए थे। कांग्रेस पहले से ही निशाने पर रहती है कि उसके शासनकाल में चीन ने भारत की हजारों किलोमीटर जमीन कब्जे में कर ली। वहीं, कांग्रेस और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के बीच हुए एमओयू पर भी लगातार अंगुली उठती रही है। ऐसे में सैम पित्रोदा का ताजा बयान कांग्रेस को फिर सवालों के घेरे में खड़ा कर सकता है।
सैम पित्रोदा ने लोकसभा चुनाव के दौरान भारत के कई राज्यों के लोगों की तुलना अफ्रीका के लोगों से कर विवाद पैदा किया था। विरासत कर लगाने संबंधी बयान देकर भी सैम पित्रोदा घिरे थे। राम मंदिर पर सैम पित्रोदा ने कहा था कि इससे भारत में बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों का हल नहीं निकलेगा। वहीं, 1984 के सिख विरोधी दंगों पर उन्होंने हुआ तो हुआ कहकर बखेड़ा खड़ा किया था। सैम पित्रोदा ने बालाकोट एयर स्ट्राइक में मरने वाले आतंकियों की संख्या पर सवाल भी खड़े किए थे। वहीं, सोशल मीडिया पोस्ट में ये लिखकर कि बीआर आंबेडकर से ज्यादा जवाहरलाल नेहरू का संविधान बनाने में अहम योगदान है सैम पित्रोदा ने विवाद खड़ा किया था।
