राहुल गांधी के करीबी सैम पित्रोदा नए विवाद में फंसे, शिक्षा मंत्रालय ने आरोप फर्जी बताकर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के करीबी और इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा और विवादों का लगता है चोली-दामन का साथ है! सैम पित्रोदा अब नए विवाद में घिरे हैं और इस मामले में शिक्षा मंत्रालय ने उनको कानूनी कार्रवाई की चेतावनी तक दी है।
दरअसल, सैम पित्रोदा ने 22 फरवरी को ये दावा किया था कि उन्होंने रांची आईआईटी के छात्रों को संबोधित किया और उस दौरान किसी ने ऑनलाइन संबोधन को हैक कर पॉर्न फिल्म चला दी। सैम पित्रोदा ने कहा था कि इससे कार्यक्रम बाधित हो गया। सैम पित्रोदा के इस बयान पर अब शिक्षा मंत्रालय ने उनकी पोल-पट्टी खोली है और बताया है कि रांची में कोई आईआईटी है ही नहीं। रांची में आईआईआईटी है।
शिक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया है कि सैम पित्रोदा ने 22 फरवरी को एक वीडियो साझा किया था। उन्होंने कहा कि आईआईटी रांची में सैकड़ों छात्रों को संबोधित करते वक्त किसी ने ऑनलाइन संबोधन को हैक कर आपत्तिजनक सामग्री चलाई। शिक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि रांची में कोई आईआईटी नहीं है और सैम पित्रोदा के आरोप निराधार होने के साथ ही अज्ञानता वाले हैं। रांची में जो आईआईआईटी है, वहां के प्रबंधन ने बताया है कि संस्थान की तरफ से सैम पित्रोदा को किसी सम्मेलन या सेमीनार में भाषण देने के लिए न्योता भी नहीं दिया गया था।
शिक्षा मंत्रालय ने सैम पित्रोदा के आरोप के बारें में कहा है कि ऐसा लापरवाही वाला बयान देश के अत्यंत प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी की छवि खराब करने की कोशिश लगती है। जहां से सबसे प्रतिभाशाली लोग निकले हैं। शिक्षा मंत्रालय ने सैम पित्रोदा के बयान की निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि आईआईटी की छवि खराब करने की किसी भी कोशिश पर कानूनी कार्रवाई का नतीजा भुगतना होगा।
सैम पित्रोदा पहले भी विवादित बयान देते रहे हैं। सैम पित्रोदा ने बीते दिनों बयान दिया था कि चीन को दुश्मन मानना बंद करना होगा। उन्होंने इसे चीन से अन्याय तक कह दिया था। जब इस बयान पर बीजेपी ने राहुल गांधी को घेरा, तो कांग्रेस ने सैम पित्रोदा के बयान से पल्ला झाड़ा लिया था।
इससे पहले सैम पित्रोदा ने लोकसभा चुनाव के दौरान भारत के कई राज्यों के लोगों की तुलना अफ्रीका के लोगों से कर विवाद पैदा किया था। विरासत कर लगाने संबंधी बयान देकर भी सैम पित्रोदा घिरे थे। राम मंदिर पर सैम पित्रोदा ने कहा था कि इससे भारत में बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों का हल नहीं निकलेगा। वहीं, 1984 के सिख विरोधी दंगों पर उन्होंने ‘हुआ तो हुआ’ कहकर बखेड़ा खड़ा किया था। सैम पित्रोदा ने बालाकोट एयर स्ट्राइक में मरने वाले आतंकियों की संख्या पर सवाल भी खड़े किए थे। वहीं, सोशल मीडिया पोस्ट में ये लिखकर कि बीआर आंबेडकर से ज्यादा जवाहरलाल नेहरू का संविधान बनाने में अहम योगदान है सैम पित्रोदा ने विवाद खड़ा किया था।
