दिल्ली दंगा के आरोपी शरजील इमाम पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी, आरोप तय करते हुए कहा- चालाकी से भाषण देकर अपने समुदाय को भड़काया
नई दिल्ली। दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी इलाके में हुए दंगों के आरोपी शरजील इमाम पर कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट ने आरोप तय करते हुए कहा है कि शरजील इमाम ने चालाकी से भाषण दिया और एक खास समुदाय को भड़काया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विशाल सिंह ने कहा कि उस वक्त चक्का जाम से सभी लोग परेशान थे, लेकिन शरजील इमाम ने भाषण में अपने समुदाय के अलावा अन्य समुदायों के बारे में कुछ नहीं कहा। कोर्ट ने कहा कि शरजील इमाम ने एक ही समुदाय को चक्का जाम के मामले में भड़काया। कोर्ट ने कहा कि शरजील इमाम हिंसा की साजिश का सरगना भी था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विशाल सिंह ने शरजील इमाम पर आरोप तय करते हुए कहा कि उसने खुले तौर पर एक समुदाय के लोगों के मन में घृणा और गुस्से की भावना पैदा की। कोर्ट ने कहा कि शरजील इमाम ने अपने भाषण से उत्तर भारत के कई राज्यों में भी हिंसा भड़काने की कोशिश की। अदालत ने आगे कहा कि शरजील इमाम की ये दलील नहीं सुनी जा सकती कि उसके भाषण के कारण भीड़ ने दंगा नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी शरजील इमाम ने सांप्रदायिक भाषण देकर भीड़ को हिंसा के लिए भड़काया। कोर्ट ने कहा कि शरजील इमाम वरिष्ठ पीएचडी छात्र है और उसने चालाकी से भाषण दिया। कोर्ट ने कहा कि चक्का जाम से कुछ भी शांतिपूर्ण नहीं हो सकता। इससे एंबुलेंस भी रुक जाती हैं और मरीज की मौत तक होने की आशंका रहती है।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने शरजील इमाम को ये कहते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया था कि उसकी जमानत अर्जी दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित है। वहीं, शरजील इमाम का कहना था कि जमानत की अर्जी उसने साल 2022 में दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल की थी, लेकिन उसे 64 बार स्थगित किया गया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि शरजील इमाम की जमानत की अर्जी पर दिल्ली हाईकोर्ट से जल्दी सुनवाई का आग्रह करने की छूट है और कोर्ट इस पर फैसला करेगा।
