April 19, 2026

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औरंगजेब की तारीफ करने वालों पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे बरसे, ऐसा करने वालों को बताया देशद्रोही

ठाणे। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और शिवसेना के प्रमुख एकनाथ शिंदे ने मुगल बादशाह औरंगजेब की तारीफ करने वालों पर निशाना साधा है। ठाणे के डोंबिवली स्थित घारदा चौक पर मराठा अस्मिता और हिंदवी स्वराज के प्रतीक छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद एकनाथ शिंदे ने औरंगजेब मामले पर बयान दिया। एकनाथ शिंदे ने औरंगजेब की तारीफ कर रहे लोगों को देशद्रोही करार दिया। एकनाथ शिंदे ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा मराठा राजा की विरासत, साहस और नेतृत्व का सम्मान करने के लिए लगाई गई है।

एकनाथ शिंदे ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा अनावरण के मौके पर ये भी कहा कि मुगल बादशाह औरंगजेब ने महाराष्ट्र पर कब्जे की कोशिश के साथ ही तमाम अत्याचार किए थे। शिंदे ने छत्रपति शिवाजी महाराज को दिव्य शक्ति करार दिया। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज वीरता, बलिदान और हिंदुत्व की भावना के प्रतीक हैं। एकनाथ शिंदे का ये बयान औरंगजेब पर मचे सियासी घमासान के बीच आया है। औरंगजेब के खिलाफ ताजा माहौल विक्की कौशल अभिनीत फिल्म ‘छावा’ से बना है। छावा एक उपन्यास पर आधारित है। उसमें बताया गया है कि किस तरह औरंगजेब ने छत्रपति शिवाजी महाराज के बड़े बेटे छत्रपति संभाजी महाराज पर जुल्म कर उनकी जान ली थी।

वहीं, बीते दिनों महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और विधायक अबु आजमी ने औरंगजेब की खूब तारीफ की थी। जिस पर बखेड़ा और बढ़ गया। अबु आजमी को महाराष्ट्र विधानसभा के सत्र से निलंबित भी किया गया। जिसके बाद अबु आजमी ने अपने बयान के लिए क्षमा मांगी और कहा कि उन्होंने हिंदुओं के खिलाफ कुछ नहीं कहा। वहीं, हिंदूवादी संगठन वीएचपी और बजरंग दल लगातार मांग कर रहे हैं कि छत्रपति संभाजी नगर में औरंगजेब की कब्र को उखाड़ फेंका जाए। इसी मांग पर बजरंग दल के प्रदर्शन के बाद मंगलवार की रात नागपुर में जमकर हिंसा हुई।

उद्धव ठाकरे की शिवसेना और अन्य विपक्षी दल कह रहे हैं कि औरंगजेब की कब्र को उखाड़ फेंकने की मांग गलत है। वहीं, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस इससे पहले कह चुके हैं कि महाराष्ट्र में औरंगजेब को मान्य नहीं किया जा सकता। फडणवीस ने ये भी कहा था कि वह भी औरंगजेब की कब्र उखाड़ फेंकने के पक्ष में हैं, लेकिन केंद्र में कांग्रेस की सरकार के दौरान उस जगह को एएसआई को दे दिया गया। जिसकी वजह से ऐसा करना संभव नहीं है।