आक्रांता सालार मसूद गाजी के नाम पर अब संभल में नहीं लगेगा नेजा मेला
संभल। यूपी के संभल में हर साल लगने वाला नेजा मेला इस बार नहीं लगेगा। संभल जिला पुलिस ने नेजा मेला लगाने की मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। संभल का नेजा मेला आक्रांता कहे जाने वाले सालार मसूद गाजी के नाम पर लगाया जाता रहा है। इस बार नेजा मेला कमेटी के लोग मंजूरी के वास्ते संभल के एडिशनल एसपी श्रीशचंद से मिले, लेकिन उन्होंने मेला के लिए मंजूरी देने से मना कर दिया। सोशल मीडिया में आए वीडियो के मुताबिक एडिशनल एसपी ने नेजा मेला कमेटी के लोगों से साफ कहा कि सोमनाथ मंदिर को लूटने वाले, भारत में लूटमार और कत्लेआम करने वाले की याद में कोई भी मेला नहीं लगना चाहिए।
वीडियो के मुताबिक संभल के एडिशनल एसपी श्रीशचंद ने नेजा मेला लगाने वाली कमेटी के लोगों से कहा कि एक लुटेरे के नाम पर मेला लगाकर आप लोग अपराध करते रहे हैं। अब ऐसा नहीं चलेगा। उन्होंने ये भी कहा कि जो कोई भी लुटेरे और हत्यारे के साथ है, वो भी देश के साथ अपराध कर रहा है। संभल के एडिशनल एसपी श्रीशचंद ने कहा कि जिसने भी नेजा मेला लगवाया, वो देशद्रोही की श्रेणी में आएगा। एडिशनल एसपी ने नेजा मेला को कुरीति बताया। साथ ही कहा कि कानून और व्यवस्था के कारण नेजा मेला लगाने की मंजूरी नहीं मिलेगी। अगर नियम तोड़ा जाएगा, तो संभल पुलिस कार्रवाई करेगी। सुनिए संभल के एडिशनल एसपी का बयान।
अब आपको बताते हैं कि सालार मसूद गाजी कौन था? आपने महमूद गजनवी का नाम सुना ही होगी। महमूद गजनवी ने गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर पर हमला कर उसे ध्वस्त किया था। सालार मसूद गाजी, महमूद गजनवी की सेना का सेनापति था। वो महमूद गजनवी का भानजा भी था। महमूद गजनवी ने भारत पर 17 बार हमले किए थे। उसने बहुत मारकाट भी मचाई थी। सालार मसूद गाजी की जंग में मौत हुई थी। सालार मसूद गाजी की कब्र यूपी के बहराइच में है, लेकिन यहां से काफी दूर स्थित संभल में उसके नाम से मेला लगता रहा है। अब संभल पुलिस ने नेजा मेला के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।
