अंतरिक्ष में रहकर सुनीता विलियम्स ने बना दिया ये रिकॉर्ड!, हासिल की ऐसी उपलब्धियां कि गर्व से चौड़ा हो जाएगा हर भारतीय का सीना
फ्लोरिडा। अमेरिका की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स सकुशल धरती पर लौट आई हैं। उनके साथ ही अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर और दो अन्य अंतरिक्ष यात्री भी स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल में बैठकर धरती पर लौटे हैं। सुनीता विलियम्स और उनके साथी अंतरिक्ष यात्री 9 महीने और 14 दिन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में रहे। उनको सिर्फ 10 दिन के लिए ही अंतरिक्ष स्टेशन भेजा गया था, लेकिन जिस स्टारलाइनर यान से सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर अंतरिक्ष स्टेशन गए थे, उसमें तकनीकी खराबी आने के कारण सभी को वहां लंबे वक्त तक रहना पड़ा। सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष में लंबा वक्त तो बिताया, लेकिन इस दौरान वो अपने पसंदीदा काम में जुटी रहीं। उनकी उपलब्धियां जानकर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा।
भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनकी टीम की उपलब्धियों की जानकारी अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने दी है। नासा के मुताबिक सुनीता विलियम्स और उनकी टीम ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में 900 घंटे तक शोध का काम किया। इस दौरान सुनीता विलियम्स ने 150 से ज्यादा प्रयोग किए। इसके अलावा सुनीता विलियम्स 9 बार अंतरिक्ष स्टेशन से बाहर गईं और इस दौरान स्पेसवॉक में 62 घंटे 9 मिनट बिताए। सुनीता विलियम्स के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। अंतरिक्ष में सबसे ज्यादा वक्त बिताने वाली महिला का रिकॉर्ड भी उनके नाम हो गया है।
सुनीता विलियम्स 5 जून 2024 को बोइंग कंपनी के स्टारलाइनर यान से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन गए थे। वहां से लौटने के पहले ही पता चला कि स्टारलाइनर यान में लीकेज समेत कई तकनीकी दिक्कतें हैं। ऐसे में नासा ने अंतरिक्ष यात्रियों के जीवन को खतरा देखते हुए सुनीता विलियम्स और अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को स्टेशन में ही रहने को कहा। अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क ने बीते दिनों आरोप लगाया था कि नासा ने सुनीता विलियम्स और अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से वापस लाने के लिए उनसे मदद लेने के वास्ते बात की थी, लेकिन तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने स्पेसएक्स का यान भेजने से मना कर दिया।
