राज ठाकरे की गैरमराठी भाषियों को चेतावनी, कहा- मराठी बोलने से मना करने वालों के मुंह पर पड़ेगा थप्पड़
नई दिल्ली। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने गैरमराठी भाषियों को लेकर एक बार फिर पुराने तेवर दिखाए हैं। उन्होंने महाराष्ट्र में रहने वाले दूसरे प्रदेशों के लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर राज्य में रहने वाले लोग मराठी बोलने से इनकार करते हैं तो मनसे उन्हें ‘थप्पड़ मारने’ से पीछे नहीं हटेगी। मुंबई के शिवाजी पार्क में रविवार को मनसे पार्टी की वार्षिक गुड़ी पड़वा रैली को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा, हर राज्य की अपनी भाषा होती है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए। मुंबई में मराठी का सम्मान किया जाना चाहिए। ठाकरे ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा, हर बैंक, हर प्रतिष्ठान की जांच करें कि वहां मराठी का इस्तेमाल किया जा रहा है या नहीं। आप सभी को मराठी के लिए मजबूती से खड़ा होना चाहिए।
ठाकरे ने तमिलनाडु में जारी हिंदी विरोध का उदाहरण देते हुए कहा कि तमिलनाडु ने हिंदी को नकारने की हिम्मत की यहां तक कि केरल ने भी। औरंगजेब की कब्र को लेकर विवाद पर राज ठाकरे ने कहा कि मराठों से पराजित हुए लोगों की कब्र को नष्ट नहीं करना चाहिए। दुनिया को पता होना चाहिए कि हमने उन्हें दफनाया था। 400 साल पुराने इतिहास को आज के दौर में विवाद का विषय नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को व्हाट्सएप से इतिहास को नहीं जानना चाहिए बल्कि इतिहास की किताबों को पढ़ना चाहिए। मनसे प्रमुख ने ‘लाडकी बहिन योजना’ पर फडणवीस सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार के पास पैसे नहीं हैं इसलिए यह योजना जल्द ही बंद हो जाएगी।
उधर, शिवसेना नेता राजू वाघमारे ने मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के बयान पर कहा कि मुझे लगता है कि राज ठाकरे के करीबी लोगों ने उन्हें ठीक से जानकारी नहीं दी है। ‘लड़की बहिन योजना’ कभी बंद नहीं होने वाली है। हम महिलाओं को 1500 रुपये (प्रति माह) दे रहे हैं और देते रहेंगे। हमने 2,100 रुपये देने का वादा किया था और हम उस वादे पर कायम हैं, इसमें कुछ समय लग सकता है। जो लोग यह सपना देख रहे हैं कि योजना बंद हो जाएगी, हम ऐसा कभी नहीं होने देंगे।
