‘ऑपरेशन सिंदूर का नाम मोदी सरकार ने भावनाओं का फायदा लेने के लिए चुना’, पृथ्वीराज चव्हाण के बयान से फिर निशाने पर आ सकती है कांग्रेस
मुंबई। पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाने से देश में जहां लोग खुश हैं वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम पृथ्वीराज चव्हाण का बयान सियासत को गर्माकर उनकी पार्टी को एक बार फिर बीजेपी के निशाने पर ला सकता है। कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा है कि सिंदूर शब्द से बहुत सारी भावनाएं जुड़ी हैं। पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि जंग भावनाओं से नहीं जीती जा सकती। कांग्रेस नेता ने कहा कि जंग को हथियारों और गोला-बारूद से जीता जाता है। पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का नाम सरकार ने भावनाओं का फायदा लेने के लिए चुना, लेकिन इससे जमीनी हालत में उसे फायदा नहीं होगा।
कांग्रेस के नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि अभियान का नाम मायने नहीं रखता है और नाम देने से फर्क भी नहीं पड़ता। चव्हाण ने कहा कि आखिरकार आपको पाकिस्तान जाकर दिखाना होगा कि आतंकी कैंपों को नष्ट कर दिया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी और झूठ के एजेंडा से बचने के लि सरकार को जनता के साथ सारी जानकारी लगातार साझा करनी चाहिए। ये कहे जाने पर कि कुछ विपक्षी दलों ने पहले एयर स्ट्राइक का सबूत मांगा था। इस पर पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि दुनिया को आपके किसी भी काम का सबूत चाहिए होता है।
इससे पहले बुधवार को कांग्रेस के नेता राशिद अल्वी ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बयान देकर सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आए थे। राशिद अल्वी ने ऑपरेशन सिंदूर पर ये सवाल पूछा था कि इसमें कितने आतंकी मारे गए? कांग्रेस के नेता इससे पहले पहलगाम हमले के बाद दिए गए बयानों के कारण कांग्रेस के लिए दिक्कत का सबब बने हैं। इन नेताओं में कर्नाटक के सीएम सिद्धारामैया, महाराष्ट्र कांग्रेस नेता विजय वडेट्टिवार और कांग्रेस के सांसद और पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी हैं। कांग्रेस के नेता तब भी बयानबाजी कर रहे हैं, जबकि पार्टी ने उनको पहलगाम मसले पर संभलकर विचार रखने का निर्देश दे रखा है।
