भारत की सीमा की सुरक्षा के लिए अंतरिक्ष में इतने उपग्रहों का इसरो ने बिछा रखा है जाल, 24 घंटे होती है पैनी निगरानी
इंफाल। पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश, म्यांमार से भारत की लंबी सीमा है। इसके अलावा भारत का लंबा समुद्री तट भी है। कभी-कभी आपको लगता होगा कि भारत आखिर इतनी लंबी सीमा की सुरक्षा कैसे करता है? कैसे जान पाता है कि दुश्मन कहीं से घुसपैठ की कोशिश तो नहीं कर रहा? इन सवालों का जवाब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो के चेयरमैन वी. नारायणन ने मणिपुर की राजधानी इंफाल के केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में रविवार को दिया। इसरो के चेयरमैन ने बताया कि किस तरह उनका संगठन दिन-रात भारत की सभी सीमाओं की चौकसी करता और दुश्मनों पर पैनी नजर रखता है।
इसरो के चेयरमैन वी. नारायणन ने बताया कि 24 घंटे कम से कम 10 उपग्रहों के जरिए भारत की सीमाओं पर पैनी नजर रखी जाती है। इसरो प्रमुख ने बताया कि देश के नागरिकों की सुरक्षा और रणनीतिक कारणों से इसरो उपग्रहों के जरिए निगरानी करता है। वी. नारायणन ने कहा कि आप सभी हमारे पड़ोसी देशों के बारे में जानते हैं। अगर हमें अपने देश की सुरक्षा करनी है, तो उपग्रहों को काम में लाना ही होगा। उन्होंने कहा कि उपग्रहों के जरिए भारत की 7000 किलोमीटर लंबी समुद्री सीमा के साथ उत्तरी हिस्से की भी लगातार निगरानी करनी होती है। इसरो चेयरमैन वी. नारायणन ने कहा कि उपग्रह और ड्रोन की तकनीकी के बगैर हम चौकस निगरानी नहीं कर सकते।
इसरो चेयरमैन के इस बयान से साफ है कि किस तरह भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी अड्डों और पाकिस्तानी वायुसेना के एयरबेस के बारे में सटीक जानकारी हासिल की। इसके लश्कर-ए-तैयबा के मुरीदके, जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर और हिजबुल मुजाहिदीन के मुजफ्फराबाद स्थित मुख्यालयों के साथ 9 आतंकी ठिकानों को मिट्टी में मिला दिया। साथ ही ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के पास स्थित नूर खान एयरबेस समेत 9 एयरबेस और 2 रडार स्टेशन भी पूरी तरह तबाह कर दिए। हालत ये रही कि जो पाकिस्तान 8 और 9 मई की रात हमलावर ड्रोन और मिसाइलों से भारत पर हमले की कोशिश कर रहा था, वो 10 मई की सुबह घुटने टेकते हुए सीजफायर की गुहार लगाने लगा।
