February 14, 2026

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ऑपरेशन सिंदूर के बाद 2000 से ज्यादा बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस उनके मुल्क भेजा गया

गुवाहाटी। पाकिस्तान के खिलाफ जहां भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया। वहीं, बांग्लादेश से आए अवैध घुसपैठियों को वापस भेजने का ऑपरेशन भी तेजी से चल रहा है। अखबार नवभारत टाइम्स के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के बाद यानी 7 मई 2025 से 2000 से ज्यादा बांग्लादेशी घुसपैठियों को उनके देश वापस भेजा जा चुका है। इनके अलावा 2000 अप्रवासी बांग्लादेशी खुद अपने देश जाने के लिए सीमा पर पहुंचे। अखबार ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ कर आए और पकड़े गए लोगों को भारतीय वायुसेना के विमान से सीमा पर लाया जा रहा है। इसके बाद इनको बीएसएफ के अस्थायी कैंप में रखने के बाद बांग्लादेश के इलाके में भेजा जाता है।

असम, मेघालय और त्रिपुरा से बांग्लादेश की सीमा लगती है। ऐसे में इन्हीं तीन राज्यों के जरिए अवैध घुसपैठियों को बांग्लादेश वापस भेजा जा रहा है। जिन घुसपैठियों को अब तक बांग्लादेश भेजा गया है, उनमें ज्यादातर गुजरात में पकड़े गए। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र और असम से भी बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ा गया है। अखबार ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि सीमा पार भेजने से पहले देखा जाता है कि घुसपैठियों के पास पैसा है या नहीं। अगर किसी को जरूरत हो, तो उसे कुछ बांग्लादेशी मुद्रा भी दी जाती है। ताकि वो अपने घर तक पहुंच सके। इस प्रक्रिया में सभी नियमों का पालन किया जा रहा है। साथ ही किसी भी घुसपैठिए से गलत व्यवहार भी नहीं हो रहा।

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने यहां अवैध घुसपैठियों की पहचान करें। दिल्ली में तो नवंबर 2024 से ही अवैध तौर पर आए बांग्लादेश के नागरिकों की पहचान की जा रही है। दिल्ली में अप्रैल से मई 2025 तक ही 700 से ज्यादा अवैध घुसपैठियों और वीजा खत्म होने के बावजूद अपने देश न लौटने वालों को पुलिस ने पकड़ा था। माना जाता है कि भारत में करीब 2 करोड़ घुसपैठिए और वीजा खत्म होने के बावजूद टिके हुए विदेशी हैं। अवैध घुसपैठियों में बांग्लादेश के नागरिक और म्यांमार के रोहिंग्या की संख्या ज्यादा है। ऐसे में केंद्र सरकार अब इनकी गिरफ्तारी और वापस भेजने के प्रति कठोर रवैया अपना रही है।

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