वोटर लिस्ट पुनरीक्षण में लगे बीएलओ और सुपरवाइजर को एकमुश्त 6000 रुपये मानदेय, नीतीश कुमार कैबिनेट का फैसला
नई दिल्ली। बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हर वर्ग को साधने में लगे हैं। यही कारण है कि कैबिनेट बैठक में एक के बाद एक जनता को खुश करने वाले निर्णय लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज हुई नीतीश कुमार की कैबिनेट बैठक में बीएलओ, बम निरोधक दस्ता कर्मियों, युवाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने तय किया है कि प्रदेश में वोटर लिस्ट पुनरीक्षण में लगे बीएलओ और सुपरवाइजर को एकमुश्त 6000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। इस भुगतान के लिए नीतीश कैबिनेट ने इसके लिए 51 करोड़ 68 लाख 40 हजार रुपये की स्वीकृति भी दे दी है।
बिहार सरकार की आज की कैबिनेट बैठक में कई एजेंडों पर मोहर लगी। बम निरोधक दस्ता कर्मियों को उनके मूल वेतन की 30 प्रतिशत धनराशि हर महीने जोखिम भत्ते के रूप में मिलेगी। इन कर्मियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता इसमें शामिल नहीं होगा उसके लिए अलग भुगतान होगा। इसकी स्वीकृति भी बिहार कैबिनेट ने दे दी है। इसके अलावा नीतीश सरकार ने अगले पांच साल में युवाओं के लिए एक करोड़ नौकरी और रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा है। इस काम के लिए सरकार ने एक उच्चस्तरीय परामर्श समिति गठित करने का आदेश जारी किया है। अलग अलग विभागों के लगभग 12 सदस्यों को इस परामर्श समिति में शामिल किया जाएगा।
अनुदानित माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक और कर्मचारियों के वेतन भुगतान और माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षा के बेहतर वातावरण को तैयार करने के लिए कैबिनेट ने 3 अरब 94 करोड़ 41 लाख और 24 हजार रुपये दिए जाने को भी मंजूरी दे दी है। पटना मेट्रो के संबंध में भी कैबिनेट में बड़ा निर्णय लिया गया है। अगस्त 2025 से मार्च 2028 तक के लिए प्रायोरिटी कॉरिडोर के रखरखाव के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को 179 करोड़ 37 लाख रुपये देने को हरी झंडी मिल गई है।
