पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी लेने वाले टीआरएफ को अमेरिका ने घोषित किया आतंकवादी संगठन, भारत ने की सराहना
नई दिल्ली। अमेरिका ने एक बड़ा कदम उठाते हुए द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। टीआरएफ ने ही जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी। हालांकि बाद में जब भारत ने पाकिस्तान और आतंकियों पर एक्शन लेना शुरू किया तो टीआरएफ ने वेबसाइट हैक होने की बात कहते हुए पहलगाम हमले में हाथ होने से इनकार कर दिया था। अमेरिका द्वारा टीआरएफ को आतंकी संगठन घोषित किए जाना पाकिस्तान के लिए भी झटके से कम नहीं है। वहीं भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका के इस कदम की सराहना की है।
जयशंकर ने कहा, यह इस बात का प्रमाण है कि भारत और अमेरिका के आतंकवाद के खिलाफ एक दूसरे के साथ खड़े हैं। उन्होंने इसके लिए अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और स्टेट डिपार्टमेंट का आभार जताया, जिन्होंने लश्कर-ए-तैयबा के एक अंतर्गत आने वाले टीआरएफ को एक विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (SDGT) घोषित किया है। इसके साथ भारतीय विदेश मंत्री ने एक बार फिर ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए दोहराया कि आतंकवाद के प्रति भारत की जीरो टॉलरेंस की नीति है।
आपको बता दें कि टीआरएफ पाकिस्तान से आपॅरेट होने वाला लश्कर का ही संगठन है। सज्जाद गुल को इसका मास्टरमाइंड माना जाता है। टीआरएफ 2019 में बना था, जब मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 को हटाया था। भारत ने 2023 में टीआरएफ को आतंकी संगठन घोषित किया था। संयुक्त राष्ट्र भी इसे आतंकी संगठन घोषित कर चुका है। आपको बता दें कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। इनमें से 25 पर्यटक थे जिनको धर्म पूछकर मारा गया था, जबकि एक स्थानीय पिट्ठू वाले को भी आतंकियों ने गोली मार दी थी क्योंकि वो पर्यटकों को बचाने की कोशिश कर रहा था।
