ये लातों के भूत हैं, बातों से मानेंगे नहीं, योगी आदित्यनाथ ने किसके लिए कह दी इतनी बड़ी बात?
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी में एक संगोष्ठी के दौरान मुहर्रम के जुलूस और कांवड़ यात्रा को लेकर बात की। योगी बोले, हमने एक व्यवस्था बनाई कि मुहर्रम के जुलूस में ताजिया की ऊंचाई निश्चित सीमा से ज्यादा न हो। क्योंकि कहीं हाईटेंशन लाइन होती है, तो किसी घर का छज्जा बीच में आ जाता है उसे लेकर कई बार समस्या होती है। जौनपुर में लोगों ने बड़ा ताजिया उठाया जो हाईटेंशन की चपेट में आ गया, तीन लोग मर गए। बाद में उन लोगों ने रास्ता जाम किया। हमने पुलिस को बोला, ये लातों के भूत हैं, बातों से मानेंगे नहीं, लाठी मारकर बाहर करो इनको।
योगी ने कहा कि जब हमने पहले ही कहा था कि ताजिया की हाइट ज्यादा न हो तो इन लोगों ने बात क्यों नहीं मानी, इसीलिए मैंने पुलिस को बोला इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करो। सीएम ने कहा कि हमने अस्त्र, शस्त्र के प्रदर्शन पर रोक लगाई है नहीं तो मुहर्रम का हर जुलूस उत्पात, आगजनी और तोड़फोड़ का कारण बनता था। बहन बेटियां सड़कों पर नहीं निकल पाती थीं, कोई इस पर कुछ नहीं बोलता था। दूसरी तरफ कांवड़ यात्रा चल रही है, जो एकता का अद्भुत संगम है। श्रमिक वर्ग से लेकर उच्च वर्ग तक हर व्यक्ति इस अभियान से जुड़ा हुआ है।
सीएम बोले, कोई भेदभाव नहीं, न जाति का भेद है, न क्षेत्र का भेद है, न वर्ग का भेद है, बस हर हर बम बम बोलते हुए कांवड़िए चार-चार सौ किलोमीटर तक पैदल जाते हैं। मगर मीडिया ट्रायल चल रहा है, कांवड़ियों को बदनाम किया जा रहा है, उन्हें उपद्रवी और आतंकवादी तक बोलने का दुस्साहस होता है। यह वो मानसिकता है जो हर प्रकार से भारत की विरासत को अपमानित करना चाहती है। यह वही लोग हैं जिन्होंने लोगों को भड़काने का काम किया है, यह वही समुदाय है जो भारत की आस्था का सदैव अपमान करता है और यही वो लोग हैं जो आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष की स्थिति को खड़ी करना चाहते हैं।
