April 24, 2026

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बिहार में इतने लाख वोटर के नाम कटने की नौबत, चुनाव आयोग ने जारी किया ताजा आंकड़ा

नई दिल्ली। चुनाव आयोग बिहार में चल रहे वोटरों के विशेष पुनरीक्षण के बारे में हर रोज ताजा जानकारी मुहैया करा रहा है। चुनाव आयोग ने मंगलवार की रात वोटरों के विशेष पुनरीक्षण संबंधी ताजा आंकड़ा जारी किया है। चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के हिसाब से बिहार में 52 लाख वोटरों के सिर पर तलवार लटकी है। इतने वोटरों का नाम वोटर लिस्ट से बाहर होने की नौबत दिख रही है।

वोटरों के विशेष पुनरीक्षण के ताजा आंकड़े जारी कर चुनाव आयोग ने बताया है कि राज्य में 1866869 वोटर मृत हो चुके हैं। 2601031 वोटर स्थायी तौर पर बिहार छोड़कर जा चुके हैं। 750742 वोटरों के नाम एक से अधिक चुनाव क्षेत्र में दर्ज है। जबकि, 11484 वोटरों का पता चुनाव आयोग नहीं लगा सका है।

बिहार में कुल 78969844 वोटर दर्ज थे। चुनाव आयोग के मुताबिक इसका 6.62 फीसदी लोग उपरोक्त कारणों से वोटर लिस्ट से फिलहाल बाहर माने जा सकते हैं। चुनाव आयोग ने बताया है कि उसे कुल वोटरों में से 71604102 वोटरों से विशेष पुनरीक्षण के फॉर्म मिल चुके हैं। जिनमें से 71365460 वोटरों के फॉर्म सिस्टम में अपलोड भी हो चुके हैं।

चुनाव आयोग बिहार में वोटरों का विशेष पुनरीक्षण अभियान 25 जुलाई तक चलाएगा। ऐसे में बाकी बचे 2135616 वोटरों को अपना पुनरीक्षण फॉर्म हर हाल में इस तारीख तक जमा करना है। वोटरों के विशेष पुनरीक्षण के लिए चुनाव आयोग ने 11 दस्तावेजों को मंजूरी दी है। दस्तावेज के तौर पर आधार कार्ड, राशन कार्ड और पहले दिए गए वोटर आईडी कार्ड मान्य नहीं हैं।

चुनाव आयोग 1 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करेगा। 31 अगस्त तक लोग इस पर आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। जिन लोगों ने विशेष पुनरीक्षण में दस्तावेज नहीं दिए हैं, वे 1 से 31 अगस्त तक चुनाव आयोग को दस्तावेज भी मुहैया करा सकेंगे। इसके बाद सितंबर में बिहार के लिए चुनाव आयोग नई वोटर लिस्ट जारी करेगा। बिहार में इसी साल अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा के चुनाव होने हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि उसका इरादा गलत लोगों को वोट डालने से रोकना और सभी योग्य लोगों को वोट का अधिकार देने का है।

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