पाकिस्तान की शाहीन-3 मिसाइल का टेस्ट फेल, परमाणु केंद्र के पास जोरदार धमाका
नई दिल्ली। पाकिस्तान ने शाहीन-3 मिसाइल का परीक्षण किया जो फेल हो गया। नतीजा यह हुआ कि परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मिसाइल अपना निशाना चूक गई और दिशा भटकते पंजाब प्रांत के डेरा गाजी खान में पाकिस्तान के एक परमाणु केंद्र के पास जाकर गिरी और भयंकर ब्लास्ट हो गया। मिसाइल का मलबा बलूचिस्तान के डेरा बुगटी जिले के मट्ट क्षेत्र में जा गिरा जहां से सिर्फ 500 मीटर दूर नागरिक बस्ती है। इस तरह से पाकिस्तान ने अपनी ही मिसाइल से अपने लिए खतरा पैदा कर लिया था और बलूचिस्तान के बहुत से लोगों की जान पर बन आई।
यह घटना एक दिन पहले 22 जुलाई की है। इस खबर को दबाने के लिए पाकिस्तान ने बलूचिस्तान क्षेत्र में इंटरनेट बंद कर दिया, वहां जाने पर मीडिया को रोक दिया तथा स्थानीय निवासियों से घर में ही रहने को कहा गया। हालांकि घटना के बाद ही सोशल मीडिया पर इसके बारे में चर्चा शुरू हो गई थी। इस घटना से पाकिस्तान की सैन्य क्षमता पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। वहीं बलूचिस्तान के लोगों में भी नाराजगी है। बलूचिस्तान के नेता मीर यार बलोच ने सोशल मीडिया पर लिखा है, बलूचिस्तान गणराज्य पाकिस्तान के मिसाइल परीक्षणों की बार-बार होने वाली विफलताओं की कड़ी निंदा करता है, जो बलूचिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करते हैं और नागरिकों के जीवन को खतरे में डालते हैं।
मीर यार बलोच ने कहा, यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले अक्टूबर 2023 में भी एक असफल मिसाइल परीक्षण हुआ था जो डेरा बुगती में आबादी वाले इलाकों के बेहद करीब गिरा था। 28 मई 1998 को पाकिस्तान ने बलूचिस्तान के चघाई जिले में छह परमाणु परीक्षण किए थे जो वहां की स्थानीय जनता की सहमति के बिना किए गए थे। पाकिस्तानी सेना डेरा बुगती, काहान और उनके आसपास के इलाकों सहित रणनीतिक क्षेत्रों से बलूच नागरिकों को जबरन निकालने के लिए मिसाइल परीक्षणों का व्यवस्थित रूप से इस्तेमाल कर रही है। बलोच नेता ने कहा, हम संयुक्त राष्ट्र, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और संबंधित अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से आह्वान करते हैं कि वो पाकिस्तान के बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों पर कड़े प्रतिबंध लगाएं।
