भारत ने चीनी पर्यटकों के लिए खोले दरवाजे, 5 साल बाद फिर से जारी होगा टूरिस्ट वीजा
नई दिल्ली। भारत ने चीनी पर्यटकों के लिए फिर से टूरिस्ट वीजा जारी करने का फैसला किया है। पिछले 5 साल से यह प्रक्रिया निलंबित चल रही थी, अब दोनों देशों के बीच सुधरते रिश्तों को देखते हुए भारत ने यह कदम उठाया है। चीन स्थित भारतीय दूतावास की तरफ से बताया गया है कि 24 जुलाई यानी कल से चीनी नागरिक भारत के पर्यटन वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। कोविड-19 के दौर के समय साल 2020 में भारत ने सभी पर्यटक वीजा पर अस्थाई रोक लगा दी थी। गलवान घाटी में भारत और चीन सैनिकों के संघर्ष के चलते रिश्तों में तल्खी आ गई थी जिस वजह से वीजा सेवा अभी तक बंद थी।
भारतीय दूतावास की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि बीजिंग स्थित भारतीय वीजा केंद्र में जमा किए गए आवेदनों के लिए पासपोर्ट वापसी के वक्त विधिवत ‘पासपोर्ट विदड्रॉल लेटर’ अनिवार्य रूप से देना होगा। वीजा के लिए आवेदन करने वाले चीनी नागरिकों को ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा और एप्वाइंटमेंट लेना होगा। इसके बाद तय समय पर आवेदन फॉर्म के प्रिंटआउट को पासपोर्ट और अन्य दस्तावेजों के साथ जमा करना होगा। आपको बता दें कि भारत और चीन के बीच अक्टूबर 2024 को देपसांग और डेमचोक में एलएसी पर गश्त को लेकर सीमा समझौता हुआ था। उसके बाद से दोनों देशों के तल्ख रिश्तों में नरमी देखने को मिली है।
सीमा समझौते के कुछ ही दिन बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की रूस के कजान में द्विपक्षीय बैठक हुई थी जिसमें दोनों देशों के आपसी संबंधों को मजबूत बनाने समेत, वीजा, व्यापार और अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई थी। इसके बाद इस साल की शुरुआत में भारत और चीन के बीच सीधी हवाई सेवा शुरू करने, भारतीयों को कैलाश मानसरोवर यात्रा की अनुमति देने और चीनी नागरिकों को वीजा को लेकर सैद्धांतिक रूप से सहमति बनी थी।
