बिहार के बाद जल्द ही पूरे देश में होगा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण, निर्वाचन आयोग ने जारी किया आदेश
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने पूरे देश में वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कराने का निर्णय लिया है। फिलहाल बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चल रहा है। निर्वाचन आयोग की तरफ से इस संबंध में जारी आदेश में बताया गया है कि मतदाता सूची की विश्वसनीयता को बरकरार रखने के लिए देश के बाकी हिस्सों में एसआईआर के लिए कार्यक्रम यथासमय पर जारी किया जाएगा। SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करने के साथ ही ऐसे लोगों का नाम वोटर लिस्ट से हटाना है जो अपात्र हैं तथा नए वोटरों का नाम लिस्ट में जोड़ा भी जा रहा है।
बता दें कि बिहार में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन को लेकर आरजेडी, कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियां काफी हो हल्ला मचा रही हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग जानबूझकर मतदाता सूची में हेरफेर कर रहा है ताकि वोटरों की संख्या को कम किया जा सके। तेजस्वी बिहार विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की धमकी भी दे चुके हैं। उधर सत्ता पक्ष का कहना है कि तेजस्वी को अभी से अपनी हार का डर सताने लगा है इसीलिए वो इस तरह की बात कर रहे हैं। बिहार में पिछले कई दिनों से जारी वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण का आज 25 जुलाई को अंतिम दिन है। इसके बाद 1 अगस्त को संशोधित ड्राफ्ट लिस्ट प्रकाशित की जाएगाी।
अभी कल ही चुनाव आयोग ने बिहार वासियों को एक बड़ी राहत देते हुए वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए 30 दिन का समय दिया है। चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर की ओर से जारी दिशा निर्देश में यह सुविधा दी गई है कि निर्वाचक या मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल 1 अगस्त से लेकर 1 सितंबर तक किसी भी पात्र मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में जुड़वा सकते हैं जो बीएलओ या बीएलए की गणना में छूट गए थे। साथ ही अगर कोई अपात्र है तो उसका नाम वोटर लिस्ट से हटवाया भी जा सकता है। इससे पहले बीजेपी की सहयोगी पार्टी टीडीपी ने भी चुनाव आयोग से आंध्र प्रदेश में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण करने की मांग उठाई थी।
