वाहनों से प्रदूषण खत्म करने की दिशा में भारत ने समय से पहले हासिल किया बड़ा लक्ष्य
नई दिल्ली। भारत ने गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को खत्म करने की दिशा में बड़ा लक्ष्य हासिल किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक भारत ने समयसीमा से 5 साल पहले ही पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य हासिल किया है। 2014 में मोदी सरकार के केंद्र की सत्ता में आने के बाद भारत ने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने का काम शुरू किया था। उस वक्त पेट्रोल में 1.5 फीसदी इथेनॉल मिलाया जाता था। भारत ने तय किया था कि साल 2030 तक पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिलाया जाएगा। इस लक्ष्य को उसने 2025 में ही हासिल कर लिया।
पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से एक तरफ वाहन मालिकों को ईंधन की कीमत न बढ़ने का तोहफा मिला। वहीं, पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से मोदी सरकार ने 1.36 लाख करोड़ की बहुमूल्य विदेशी मुद्रा भी बचाई। इसके अलावा पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से वाहनों से कम प्रदूषण हुआ। नतीजे में भारत ने 698 टन कार्बन डाइऑक्साइड गैस का उत्सर्जन भी रोकने में सफलता हासिल की।
पीएम नरेंद्र मोदी हमेशा पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हैं। उनके ही निर्देश पर पायलट प्रोजेक्ट के तहत भारत ने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने का काम शुरू किया था। अब आप अगर एक लीटर पेट्रोल खरीदते हैं, तो उसमें 200 मिलीलीटर इथेनॉल होता है। इथेनॉल से ट्रेन चलाने की दिशा में भी मोदी सरकार काम कर रही है।
पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से सिर्फ वाहन मालिकों और केंद्र सरकार की ही पैसे की बचत नहीं हुई, इससे गन्ना उगाने वाले किसानों के लिए भी बल्ले-बल्ले करने का मौका आया। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया था कि बीते 11 साल में पेट्रोल में इथेनॉल मिलाए जाने के कारण गन्ना उगाने वाले किसानों को 1.18 लाख करोड़ का भुगतान किया गया। इससे गन्ना उगाने वाले किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई। साथ ही गांवों में भी अर्थव्यवस्था मजबूत हुई। मोदी सरकार ने तय किया है कि हर हाल में 2030 तक भारत कार्बन उत्सर्जन को साल 2005 के स्तर से 45 फीसदी कम करेगा। मोदी सरकार ने ये भी तय किया है कि 2030 तक देश में 500 गीगावॉट गैर जीवाश्म ईंधन वाली ऊर्जा क्षमता स्थापित की जाएगी।
