तेजस्वी यादव ने फिर बताया बिहार विधानसभा चुनाव के बहिष्कार को विकल्प, जेडीयू और बीजेपी ने किया पलटवार
पटना/नई दिल्ली। आरजेडी के नेता और बिहार विधानसभा में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने गुरुवार को एक बार फिर कहा कि उनकी पार्टी समेत महागठबंधन के तमाम सहयोगी दल चुनाव बहिष्कार पर विचार कर सकते हैं। तेजस्वी यादव ने बुधवार को भी यही बात कही थी। तेजस्वी ने ये भी कहा कि महागठबंधन के सामने बिहार विधानसभा चुनाव का बहिष्कार भी एक विकल्प है। तेजस्वी यादव बिहार विधानसभा चुनाव के बहिष्कार को विकल्प तो बता रहे हैं, लेकिन खबर लिखे जाने तक महागठबंधन में शामिल कांग्रेस की तरफ से अभी इस बारे में कुछ कहा नहीं गया है।
तेजस्वी यादव के बिहार विधानसभा चुनाव के बहिष्कार को विकल्प बताने पर जेडीयू और बीजेपी ने निशाना साधा है। एनडीए की दोनों पार्टियों का कहना है कि अभी से आरजेडी और विपक्ष को पराजय की भनक लग गई है। इसी वजह से बिहार विधानसभा चुनाव के बहिष्कार को विकल्प बताया जा रहा है। सुनिए तेजस्वी यादव के चुनाव बहिष्कार संबंधी बयान पर जेडीयू के नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और बीजेपी के सांसद और केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने किस तरह निशाना साधा।
दरअसल, बिहार में इस साल अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा के चुनाव होने हैं। इससे पहले चुनाव आयोग बिहार में वोटरों का विशेष गहन पुनरीक्षण करा रहा है। चुनाव आयोग के इस विशेष पुनरीक्षण का आरजेडी और कांग्रेस समेत विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव आयोग वोटरों के नाम काटकर विपक्ष को नुकसान पहुंचाना चाहता है। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि बिहार में वोटर लिस्ट की शुचिता बनाए रखने और हर योग्य वोटर को मतदान का अधिकार दिलाना उसकी जिम्मेदारी है। चुनाव आयोग ने बिहार में वोटरों के विशेष पुनरीक्षण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर भी जवाब दिया है। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 324 और 326 के तहत उसे वोटरों की नागरिकता देखने का अधिकार है।
