छत्तीसगढ़ में जीआरपी ने दो ननों समेत तीन लोगों को किया गिरफ्तार, धर्मांतरण और मानव तस्करी का आरोप
दुर्ग। छत्तीसगढ़ में राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने प्रलोभन देकर धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप में दो ईसाई ननों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। दुर्ग रेलवे स्टेशन से तीनों को गिरफ्तार किया गया। जीआरपी की ओर से बताया गया है कि नन प्रीति मैरी, वंदना फ्रांसिस और सुकमान मंडावी को धर्मांतरण के मामले में शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में राजनीति के भी गर्माने के आसार दिख रहे हैं। क्योंकि केरल के सीएम पिनरई विजयन ने पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर सीधे हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनसे इस मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग केरल के सीएम ने की है।
गिरफ्तार ननों के बारे में जीआरपी ने बताया कि नन जिन तीन लड़कियों को आगरा ले जा रही थीं, उन्होंने पूछताछ में बताया कि उनको नौकरी दिलाने की बात कही गई थी। लड़कियों ने जीआरपी को ये जानकारी दी कि सुकमान मंडावी उनको दुर्ग रेलवे स्टेशन तक लाई थी। जहां से दोनों ननों को उन्हें आगरा ले जाना था। जीआरपी के अनुसार ननों समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी स्थानीय बजरंग दल पदाधिकारी की शिकायत पर की गई। बजरंग दल ने शिकायत की थी कि तीनों आरोपी नारायणपुर की तीन लड़कियों का जबरन धर्मांतरण कराकर उनकी तस्करी करने वाली हैं। इसके बाद पुलिस हरकत में आई।
खास बात ये भी है कि बीते दिनों ही आगरा पुलिस ने अंतरराज्यीय धर्मांतरण गैंग का पर्दाफाश किया था। आगरा पुलिस ने धर्मांतरण का ये रैकेट चला रहे 10 लोगों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया था। अब दुर्ग में जिन ननों को पकड़ा गया है, वे भी लड़कियों को आगरा ही ले जा रही थीं। ऐसे में सवाल ये है कि क्या आगरा धर्मांतरण गैंग से इसका कोई संबंध है? पुलिस की विस्तृत जांच में ही इसका खुलासा होगा। बता दें कि हाल के दिनों में कई धर्मांतरण गैंग का खुलासा हो चुका है। इनमें यूपी का छांगुर बाबा केस सबसे ज्यादा चर्चा में है। छांगुर बाबा के अलावा उसके कई करीबी लोगों को यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया था।
