फर्जी दूतावास चलाने वाले हर्षवर्धन जैन के बारे में बड़े खुलासे, ब्रिटेन समेत कई देशों में दर्जनों कंपनियां खोलीं, 150 बार से ज्यादा किए विदेश दौरे
गाजियाबाद। यूपी के गाजियाबाद में कई देशों के नाम से दूतावास चलाने वाले हर्षवर्धन जैन की जांच में बड़े खुलासे हुए हैं। अखबार दैनिक जागरण के मुताबिक हर्षवर्धन जैन ने बिना ठोस बिजनेस मॉडल विदेश में कई कंपनियां खोलीं। इनमें 17 कंपनियां ब्रिटेन में ही खोली गईं। मॉरीशस, यूएई और कैमरून में भी हर्षवर्धन जैन ने कंपनियां खोलीं। इसके अलावा हर्षवर्धन जैन के बारे में पता चला है कि वो 150 से ज्यादा बार विदेश जा चुका है। यूपी एसटीएफ अब जांच कर रही है कि फर्जी दूतावास खोलने के आरोपी हर्षवर्धन जैन ने विदेश में इतनी कंपनियां किस वजह से खोली थीं? पहले से ही उस पर हवाला कारोबार करने का शक है।
यूपी एसटीएफ ने हर्षवर्धन जैन के कविनगर स्थित घर से 44 लाख से ज्यादा रकम बरामद की थी। इनमें विदेशी मुद्रा भी थी। उसके यहां से 12 पासपोर्ट भी मिले थे। इसके अलावा मुहर और विदेश मंत्रालय का फर्जी दस्तावेज भी हर्षवर्धन जैन के यहां से मिला था। इन सबके अलावा फर्जी दूतावास चला रहे हर्षवर्धन जैन के घर से गाड़ियों के 20 डिप्लोमेटिक नंबर प्लेट भी बरामद किए गए थे। इनका इस्तेमाल कब करता था, इसका पता भी यूपी एसटीएफ लगा रही है। एसटीएफ ने हर्षवर्धन जैन से लैपटॉप बरामद किया था। इस लैपटॉप की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। यूपी एसटीएफ अब हर्षवर्धन जैन को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। जिसमें उसके काले चिट्ठे का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा। यूपी एसटीएफ ये भी जानना चाहती है कि हर्षवर्धन जैन क्या कोई गैंग चला रहा था?
हर्षवर्धन जैन की गिरफ्तारी के बाद ये पता लगा था कि अवैध तरीके से सैटेलाइट फोन रखने के आरोप में वो पहले भी जेल जा चुका है। इसके अलावा उसके संबंध तांत्रिक कहे जाने वाले चंद्रास्वामी और हथियारों के अंतरराष्ट्रीय कारोबारी अदनान खशोग्जी से भी होने की बात सामने आई थी। विदेश में इतनी सारी कंपनियां खोले जाने के कारण ये शक है कि हर्षवर्धन जैन सिर्फ फर्जी दूतावास ही नहीं चला रहा था। इसकी आड़ में तमाम आपराधिक गतिविधियां करने का उस पर शक गहरा गया है।
