रॉबर्ट वाड्रा ने बतौर रिश्वत ली थी गुरुग्राम में जमीन!, ईडी ने चार्जशीट में इसके अलावा ये बड़े दावे भी किए
नई दिल्ली। प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा ने हरियाणा गुरुग्राम में 3.5 एकड़ जमीन बतौर रिश्वत ली थी! ये आरोप ईडी ने अपनी चार्जशीट में लगाया है। अखबार दैनिक हिंदुस्तान के मुताबिक ईडी ने चार्जशीट में कहा है कि ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड ने रॉबर्ट वाड्रा की स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड को जमीन बिना किसी भुगतान किए दी। ईडी के अनुसार ऐसा इसलिए किया गया, ताकि रॉबर्ट वाड्रा अपनी पहचान और प्रभाव का इस्तेमाल कर हरियाणा के तत्कालीन सीएम और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग देख रहे भूपेंद्र सिंह हुड्डा से इस जमीन पर हाउसिंग का लाइसेंस दिला सकें।
ईडी की चार्जशीट के मुताबिक रॉबर्ट वाड्रा के पक्ष में जमीन की रजिस्ट्री 12 फरवरी 2008 को की गई। चार्जशीट में कहा गया है कि इसके लिए 7.5 करोड़ का भुगतान चेक से हुआ, लेकिन ये चेक कभी बैंक में क्लियरिंग के लिए दिया ही नहीं गया। जांच एजेंसी का दावा है कि जमीन के एवज में छह महीने बाद किसी और चेक से भुगतान किया गया। ये चेक स्काइलाइट रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड ने दिया। जमीन लेने वाली स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड का नहीं। ईडी के अनुसार स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी के खाते में सिर्फ 1 लाख रुपए थे और स्काइलाइट रियल्टी के खाते में 7.5 करोड़ रुपए भी नहीं थे।
ईडी ने चार्जशीट में कहा है कि जमीन बेचने के लिए 45 लाख की स्टांप ड्यूटी रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी की जगह सौदा कर रही ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड ने दी। ईडी ने लिखा है कि जमीन की रजिस्ट्री में झूठा भुगतान दिखाया गया और बेनामी तरीके से सौदा हुआ। गुरुग्राम के इस जमीन सौदे पर 28 अगस्त 2025 को ईडी की अदालत आरोप तय करने पर फैसला लेगी। इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा के अलावा 10 और आरोपी हैं। अगर ईडी कोर्ट ने जांच एजेंसी की चार्जशीट पर संज्ञान लिया और कार्यवाही शुरू हुई, तो इससे रॉबर्ट वाड्रा के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। बता दें कि आईएएस रहे अशोक खेमका ने सबसे पहले रॉबर्ट वाड्रा के इस जमीन सौदे पर सवाल खड़े किए थे।
