ट्रंप के टैरिफ का नाम लिए बगैर नितिन गडकरी ने निपटने का बताया तरीका
नागपुर। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी ने डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए बगैर टैरिफ जैसे मुद्दों से निपटने का तरीका बताया है। गडकरी ने नागपुर के विश्वेश्वरैया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के कार्यक्रम में कहा कि आर्थिक रूप से मजबूत देश दुनिया पर दादागीरी चला पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें अगर भारत की विश्वगुरु की छवि को बढ़ाना है, तो टेक्नोलॉजी और आर्थिक क्षेत्र में मजबूत होना पड़ेगा।
नितिन गडकरी ने आगे कहा कि अगर हमारा निर्यात और अर्थव्यवस्था की दर बढ़ती है, तो नहीं लगता कि फिर किसी के पास जाने की जरूरत होगी। गडकरी ने कहा कि दादागीरी करने वाले देश आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ टेक्नोलॉजी वाले भी हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आर्थिक तौर और टेक्नोलॉजी में मजबूत होने के बाद हम किसी पर धौंस नहीं जमाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में धौंस जमाना नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति सिखाती है कि दुनिया की भलाई सबसे महत्वपूर्ण है। नितिन गडकरी ने कहा कि दुनिया की सभी दिक्कतों का समाधान विज्ञान, ज्ञान और टेक्नोलॉजी में है। उन्होंने कहा कि देश की जरूरतों को ध्यान में रखकर आईआईटी, रिसर्च सेंटर और इंजीनियरिंग कॉलेज शोध करें। अगर सभी राज्यों की जरूरतों को ध्यान में रखकर काम करेंगे, तो विकास दर तीन गुना हो जाएगी।
बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर पहले 25 फीसदी टैरिफ लगाया। फिर रूस से कच्चा तेल और हथियार खरीदकर यूक्रेन के खिलाफ मदद करने का आरोप लगाते हुए और 25 फीसदी टैरिफ लगा दिया। ऐसे में भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा है। जबकि, भारत के पड़ोसी देशों पर ट्रंप ने काफी कम टैरिफ लगाया है। ट्रंप ने ये भी कहा है कि जब तक भारत टैरिफ के मुद्दे को नहीं सुलझाता, उससे व्यापार समझौते पर भी बातचीत नहीं होगी। चीन समेत कई देश इसे अमेरिका की दादागीरी बता चुके हैं। ऐसे में नितिन गडकरी ने अपनी राय जाहिर कर बताया है कि भारत ऐसे हालात से कैसे निपट सकता है।
