मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से भड़का विपक्ष आर-पार की जंग के लिए तैयार, सूत्रों के मुताबिक महाभियोग प्रस्ताव लाएगा
नई दिल्ली। बिहार में एसआईआर और राहुल गांधी की ओर से वोट चोरी के मुद्दों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की ओर से पलटवार और सख्त रुख दिखाए जाने के बाद अब विपक्ष उनके खिलाफ आर-पार की जंग की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, महाभियोग प्रस्ताव को पास कराना विपक्ष के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है। इसकी वजह ये है कि मुख्य चुनाव आयुक्त पद से ज्ञानेश कुमार को महाभियोग के जरिए हटाने के लिए लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के पास दो-तिहाई बहुमत होना चाहिए। विपक्ष के पास संसद के दोनों सदनों में इतना संख्याबल नहीं है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को अन्य चुनाव आयुक्तों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। जिसमें उन्होंने लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की तरफ से लगाए गए वोट चोरी के आरोप का सिरे से खंडन किया था। मुख्य चुनाव आयुक्त ने साफ कहा था कि वोट चोरी का आरोप लगाकर विपक्ष चुनाव आयोग के कंधे पर बंदूक रखकर सियासत करने की कोशिश कर रहा है। राहुल गांधी का नाम लिए बगैर ज्ञानेश कुमार ने कहा था कि अपने आरोपों को साबित करने के लिए उनको 7 दिन में हलफनामा देना होगा या देश से माफी मांगनी पड़ेगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ने सख्त तेवर दिखाते हुए कहा था कि इसके अलावा तीसरा विकल्प नहीं है। इससे संकेत मिले थे कि 7 दिन बाद चुनाव आयोग की तरफ से राहुल गांंधी के खिलाफ कानूनी कदम उठाया जा सकता है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने ये भी कहा था कि एक वोटर का नाम अगर दो जगह है, तो आरोप लगाने वाले ये साबित करें कि उसने दो बार वोट दिया है। ज्ञानेश कुमार ने साफ कहा था कि अब तक ऐसा कोई सबूत चुनाव आयोग को नहीं दिया गया है। उन्होंने ये भी कहा था कि चुनाव कराने में लाखों सरकारी कर्मचारी, बूथ लेवल एजेंट और प्रत्याशियों के एजेंट लगते हैं। इन सबके सामने वोट चोरी कैसे हो सकती है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने ये भी कहा था कि वोटरों को अपराधी बताया जा रहा है। चुनाव आयोग इस आरोप में साथ नहीं दे सकता। उन्होंने ये भी कहा था कि जो भी आरोप लग रहे हैं, उनके सामने चुनाव आयोग चट्टान की तरह खड़ा है।
