डोनाल्ड ट्रंप ने इस वजह से नहीं लगाया चीन पर प्रतिबंध, अमेरिका का दोहरा रवैया हुआ उजागर
नई दिल्ली। रूस से तेल खरीदने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर तो अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया हुआ है मगर चीन पर इस तरह के प्रतिबंध की कोई कार्रवाई नहीं की है। इस पर अब अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि चीन पर पाबंदी लगाने से वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल मच सकती है। रूबियो के इस बयान से एक बार फिर अमेरिका का भारत के प्रति दोहरा रवैया उजागर हुआ है। रूबियो ने फॉक्स न्यूज से बात करते हुए कहा कि रूस से तेल खरीदकर उसको रिफाइन करने वाली चीनी रिफाइनरियों पर प्रतिबंध लगाया गया तो दुनियाभर में तेल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी।
अमेरिकी विदेश मंत्री बोले, भारत का रूस से तेल खरीदना रूस और यूक्रेन के युद्ध को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने इसे ही अमेरिका के साथ भारत की तल्खी की वजह बताया। जबकि रूबियो ने आगे कहा कि चीन जो तेल रूस से खरीदता है उसे रिफाइन करके वैश्विक बाजार में बेचा जाता है जिसमें से उस तेल का एक बहुत बड़ा हिस्सा यूरोप में ही बेचा जाता है, हालांकि उन्होंने यूरोप पर प्रतिबंध लगाने के विचार किए जाने के सवाल को टाल दिया। आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया और उसके बाद 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ थोप दिया। इस तरह से अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी का भारी भरकम टैरिफ लगाया हुआ है।
हालांकि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए अपने भाषण में स्पष्ट रूप से कहा था कि भारत के पशुपालक, किसान और मछुआरे हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता हैं। इनसे जुड़ी किसी भी अहितकारी नीति के आगे मोदी दीवार बनकर खड़ा है। भारत अपने किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के संबंध में उनके हितों के लिए हानिकारक कोई समझौता स्वीकार नहीं करेगा।
