…तो मुझे निर्णायक फैसले करने पड़ेंगे, लोकसभा में हंगामा कर रहे विपक्षी सांसदों को ओम बिरला ने दी चेतावनी
नई दिल्ली। बिहार में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में और इसके अलावा अन्य मुद्दों को लेकर आज भी संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई विपक्षी सांसद फिर से हंगामा करने लगे। जिसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही को दोपहर दो बजे तक स्थगित करना पड़ा। वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हंगामा कर रहे विपक्षी सांसदों से पहले को शांत होने का आग्रह किया और जब वह नहीं माने तो उनको चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी सदस्य को सरकारी संपत्ति को नष्ट करने का विशेषाधिकार नहीं है, अगर आपने ऐसा किया तो मुझे निर्णायक फैसले करने पड़ेंगे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से कहा, मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अपनी अपनी सीट पर पधारें। यह प्रश्नकाल है और आप जितनी जोर से नारेबाजी कर रहे हैं उतना ही जोर लगाकर अगर आप सवाल पूछेंगे तो इससे देश की जनता का कल्याण होगा। जनता ने आपको सरकारी संपत्ति को तोड़ने के लिए संसद नहीं भेजा है। मैं आपसे अनुरोध करता हूं और आपको चेतावनी देता हूं कि किसी भी सदस्य को सरकारी संपत्ति को नष्ट करने का विशेषाधिकार नहीं है। यदि आपने सरकारी संपत्ति को तोड़ने का प्रयास किया तो मुझे कुछ निर्णायक निर्णय लेने होंगे और देश की जनता आपको देखेंगे।
उन्होंने कहा, कई विधानसभाओं में इस तरह की घटनाओं पर सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मैं आपको फिर से चेतावनी देता हूं, सरकारी संपत्ति को तोड़ने का प्रयास नहीं करें यह मेरा आपसे आग्रह है। इसी के साथ उन्होंने लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करने का ऐलान कर दिया। इसके बाद जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किया। हालांकि इस दौरान विपक्ष ने फिर से हंगामा शुरू कर दिया जिसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
