पीएम मोदी को सत्ता से हटाने की बात कहने वाले जॉर्ज सोरोस पर डोनाल्ड ट्रंप की नजरें टेढ़ीं, अमेरिका में हिंसक विरोध प्रदर्शनों को समर्थन देने का आरोप लगाया
वॉशिंगटन। भारत में मोदी सरकार को हटाने के लिए 1 अरब डॉलर खर्च करने की बात कहने और कई देशों की अर्थव्यवस्था को खराब करने वाले अमेरिका के निवेशक जॉर्ज सोरोस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर टेढ़ी हुई है। ट्रंप ने जॉर्ज सोरोस और उनके बेटे एलेक्स पर अमेरिका में हिंसक विरोध प्रदर्शन को समर्थन देने का आरोप लगाया है। ट्रंप ने कहा है कि इस वजह से सोरोस और उनके बेटे पर अमेरिका के आरआईसीओ कानून RICO Act के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर लिखा कि जॉर्ज सोरोस और उनके अद्भुत कट्टरपंथी वामपंथी बेटे पर अमेरिका में हिंसक विरोध प्रदर्शनों और अन्य गतिविधियों के लिए आरआईसीओ के तहत आरोप लगना चाहिए।
ट्रंप ने आगे लिखा है कि इन पागलों को अमेरिका को और बर्बाद करने की मंजूरी नहीं देंगे। सोरोस और उनके बेटे के लिए ट्रंप ने लिखा कि उनको सांस लेने और आजाद होने का जरा भी मौका नहीं देंगे। अमेरिका के राष्ट्रपति ने लिखा कि सोरोस और उनके मनोरोगियों के ग्रुप ने हमारे देश को बहुत नुकसान पहुंचाया है। इस काम में पश्चिमी तट के उनके पागल दोस्त भी शामिल हैं। ट्रंप ने जॉर्ज सोरोस को चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि वो सावधान रहें, क्योंकि नजर रखी जा रही है। ट्रंप के बयान पर जॉर्ज सोरोस फाउंडेशन ने कहा है कि वो झूठे आरोप लगा रहे हैं। सोरोस फाउंडेशन ने ट्रंप के आरोपों को अपमान बताया और कहा कि ओपन सोसाइटी फाउंडेशन हिंसक विरोध प्रदर्शनों का समर्थन या उनको वित्तीय मदद नहीं देता।
जॉर्ज सोरोस पर एक जमाने में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को गहरी चोट देने का आरोप लग चुका है। कई और देशों की अर्थव्यवस्था चौपट कर वहां सत्ता परिवर्तन कराने का आरोप भी सोरोस पर लगा है। भारत में बीजेपी ने आरोप लगाया था कि जॉर्ज सोरोस की मदद से कांग्रेस मोदी सरकार को सत्ता से हटाने की कोशिश कर रही है। सोरोस ने खुद एक बयान में कहा था कि भारत में मोदी सरकार को सत्ता से हटाने के लिए उन्होंने 1 अरब डॉलर का फंड रखा है। हंगरी मूल के जॉर्ज सोरोस ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई के बाद अमेरिका का रुख किया था। उनकी संपत्ति 7 अरब डॉलर है। जबकि, कहा जाता है कि सोरोस ने 32 अरब डॉलर दान भी किए हैं। जॉर्ज सोरोस ने ओपन सोसाइटी फाउंडेशन बनाया है। जिस पर आम लोगों को सत्ता के खिलाफ भड़काने का आरोप लगता है।
