चिप हो या शिप, भारत में ही बनाने होंगे, पीएम नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर बनने पर दिया जोर
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने भावनगर में 34 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। मोदी ने वहां उपस्थित मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए देश को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। पीएम बोले, भारत को अगर 2047 तक विकसित बनाना है तो देश को आत्मनिर्भर होना ही होगा। इसके अलावा भारत के पास कोई विकल्प नहीं है। 140 करोड़ देशवासियों का एक ही संकल्प होना चाहिए चिप हो या शिप हमें भारत में ही बनाने होंगे।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि यहां उपस्थित विशेषज्ञ जानते हैं कि जहाज निर्माण कोई साधारण उद्योग नहीं है। वैश्विक स्तर पर, जहाज निर्माण उद्योग को ‘सभी उद्योगों की जननी’ कहा जाता है। इसे उद्योगों की जननी इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह सिर्फ एक जहाज ही नहीं बनाता, बल्कि इससे जुड़े उद्योगों इस्पात, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, पेंट, आईटी सिस्टम और कई अन्य क्षेत्रों के विकास को भी शिपिंग उद्योग से सहायता मिलती है। इससे छोटे और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को लाभ होता है।
मोदी ने कहा, यद्यपि यह आयोजन भावनगर में हो रहा है, यह पूरे हिंदुस्तान का कार्यक्रम है। आज, भावनगर निमित्त है और पूरे भारत में ‘समुद्र से समृद्धि’ की ओर जाने की हमारी दिशा क्या है उसके लिए आज इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के केंद्र के रूप में भावनगर को चुना गया है। पीएम बोले, आज हम देश में बड़े जहाजों के लिए बड़े बंदरगाह बना रहे हैं। सागरमाला जैसी योजनाओं के माध्यम से बंदरगाह संपर्क बढ़ा रहे हैं। पिछले 11 वर्षों में, भारत ने अपनी बंदरगाह क्षमता दोगुनी कर ली है। हम नए और बड़े बंदरगाह भी बना रहे हैं। हाल ही में, केरल में देश के पहले गहरे पानी के कंटेनर ट्रांसशिपमेंट बंदरगाह का उद्घाटन किया गया। महाराष्ट्र में 75,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से वधावन बंदरगाह का निर्माण किया जा रहा है, जो दुनिया के शीर्ष 10 बंदरगाहों में से एक होगा।
