बरेली हिंसा मामले में मौलाना तौकीर रजा का खासमखास नदीम शाहजहांपुर से गिरफ्तार
नई दिल्ली। यूपी के बरेली में 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल मामले में पुलिस ने एक और बड़ा एक्शन लेते हुए दूसरे मुख्य आरोपी नदीम को भी गिरफ्तार कर लिया है। नदीम इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा का खास आदमी है। ऐसा बताया जा रहा है कि तौकीर रजा के कहने पर नदीम ने ही भीड़ जुटाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। नदीम को शाहजहांपुर से गिरफ्तार किया गया था। नदीम यूपी छोड़कर भागने की फिराक में था। पुलिस ने नदीम का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है जिसमें मामले से जुड़ी कुछ अहम जानकारी सामने आ सकती है।
हिंसा भड़काने के लिए भीड़ जुटाने के मुख्य आरोपी मौलाना ताकीर रजा को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अदालत ने तौकीर रजा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। तौकीर रजा को फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में रखा गया है। वहीं तौकीर रजा के एक अन्य सहयोगी नफीस को भी पुलिस हिरासत में ले चुकी है। वहीं बरेली, शाहजहांपुर, संभल समेत आसपास के इलाकों में अतिरिक्त फोर्स तैनात है। एडीजी रमित शर्मा, मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी, डीआईजी अजय साहनी, डीएम अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने अति संवेदनशील इलाकों का दौरा भी किया।
आपको बता दें कि बरेली हिंसा के बाद उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ शब्दों कहा था कि मौलाना भूल गया था, शासन किसका है। वो ये मानता था कि धमकी देंगे और जबर्दस्ती जाम कर देंगे। हमने कहा जाम नहीं होगा, कर्फ्यू भी नहीं लगेगा लेकिन कर्फ्यू का सबक तुम्हें ऐसा सिखा देंगे कि तुम्हारी आने वाली पीढ़ी दंगा करना भूल जाएगी। इसके साथ योगी ने उपद्रवियों को सख्त चेतावनी भी दी थी। उन्होंने कहा था कि आस्था के नाम पर तोड़फोड़ करोगे, आगजनी करोगे तो छोड़ेंगे नहीं। योगी ने यह भी कहा था कि कुछ लोगों को शांति अच्छी नहीं लगती, कल्याण अच्छा नहीं लगता है। जब भी कोई हिंदू पर्व और त्योहार आता है, उनको गर्मी आने लगती है और उनकी गर्मी को शांत करने के लिए हमें डेंटिंग-पेंटिंग का सहारा लेना पड़ता है।
