हिंसा और भ्रष्टाचार, बंगाल का कैंसर, प्रदेश में लोकतंत्र असुरक्षित, सीएम ममता बनर्जी पर बरसे राज्यपाल आनंद बोस
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने प्रदेश में बढ़ती हिंसक घटनाओं, बीजेपी नेताओं पर हो रहे हमले और बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस की सरकार पर निशाना साधा है। पिछले दो दिनों में बीजेपी सांसद खगेन मुर्मू, विधायक शंकर घोष और विधायक मनोज कुमार उरांव पर हुए हमले पर राज्यपाल आनंद बोस ने कहा, यह सिर्फ बीजेपी नेताओं पर हमला नहीं है। एक आदिवासी सांसद पर हमला किया जाना यह दर्शाता है कि इस लोकतांत्रिक राज्य में सांसद और विधायक भी सुरक्षित नहीं हैं। इसका मतलब है कि बंगाल में लोकतंत्र सुरक्षित नहीं है। हिंसा और भ्रष्टाचार ये दोनों बंगाल के शरीर में होने वाला कैंसर है। इनसे खत्म करना बहुत जरूरी है। हमको हिंसा मुक्त और भ्रष्टाचार मुक्त बंगाल चाहिए।
राज्यपाल ने आगे कहा, बंगाल में हालात अच्छे नहीं हैं। बंगाल की सरकार और जनता के बीच दूरी है। बंगाल को बदलने की जरूरत है। यहां लोकतंत्र से खिलवाड़ हो रहा है और राज्यपाल होने के नाते मैं आवश्यक कार्यवाही जरूर करूंगा। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर आनंद बोस ने कहा, निष्पक्ष रूप से चुनाव कराना केंद्रीय चुनाव आयोग का कर्तव्य है। हमारा चुनाव आयोग बहुत सक्षम है और निश्चित रूप से बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करेगा।
आपको बता दें कि सोमवार को जलपाईगुड़ी में बीजेपी सांसद खगेन मुर्मू और सिलीगुड़ी के पार्टी विधायक शंकर घोष पर हमला हुआ। इस हमले में बीजेपी सांसद मुर्मू बुरी तरह घायल हो गए और अस्पताल में भर्ती हैं। उनके चेहरे पर काफी चोट आई है। बीजेपी सांसद नागराकाटा में आपदा पीड़ितों की राहत सामग्री वितरित करने गए थे तभी उनके ऊपर हमला हो गया था। इस घटना के अगले दिन मंगलवार को कुमारग्राम से बीजेपी विधायक मनोज कुमार ओरांव पर अटैक कर दिया। बीजेपी का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने इन हमलों को अंजाम दिया है।
