कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने आरएसएस के कार्यक्रमों पर रोक लगाने की मांग की, दूसरे वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद ने बताया भारतीय तालिबान
बेंगलुरु। कर्नाटक में एक बार फिर सियासत गर्माई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कर्नाटक में सियासत गर्माने की वजह बना है। कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने सीएम सिद्धारामैया को आरएसएस के बारे में चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में प्रियांक खरगे ने माग की है कि स्कूल-कॉलेजों, सरकार के अधीन आने वाले मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर आरएसएस की गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद ने आरएसएस को भारतीय तालिबान कह दिया है। कांग्रेस नेता हरिप्रसाद ने आरोप लगाया है कि आरएसएस देश में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है।
प्रियांक खरगे ने 4 अक्टूबर को सीएम सिद्धारामैया को लिखी चिट्ठी में कहा है कि बच्चों, युवाओं और समाज के हित में सरकारी जमीनों, स्कूल-कॉलेजों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर आरएसएस की शाखाओं, संघ के कार्यक्रमों और बैठकों पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए। प्रियांक खरगे ने लिखा है कि सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों, मंदिरों, सार्वजनिक स्थानों, पार्कों और पुरातत्व विभाग की संपत्तियों में आरएसएस शाखा लगती है और संघ के अन्य कार्यक्रम होते हैं। प्रियांक खरगे ने आरोप लगाया है कि आरएसएस के कार्यक्रमों में स्लोगन से नकारात्मक विचार युवाओं में भरे जाते हैं। खरगे ने लिखा है कि इसका बच्चों और युवाओं पर घातक असर हो सकता है। प्रियांक खरगे ने ये भी लिखा है कि संविधान के जरिए सरकार को विभाजनकारी तत्वों को रोकने का अधिकार है।
प्रियांक खरगे और बीके हरिप्रसाद की ओर से आरएसएस के खिलाफ चिट्ठी लिखने और बयान दिए जाने पर बीजेपी ने भी पलटवार किया है। कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा है कि कांग्रेस सरकार को सीमापार से बम धमाके करने वालों से दिक्कत नहीं है, लेकिन भारत के चहुंमुखी विकास के लिए काम करने वाले आरएसएस से परेशानी है। वहीं, बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट कर कांग्रेस पर निशाना साधा है। मालवीय ने पुरानी तस्वीर साझा कर कहा है कि थोड़ी जानकारी खतरनाक होती है। साल 2002 में मल्लिकार्जुन खरगे ने आरएसएस की सामाजिक गतिविधियों की सराहना की थी। आज उनके बेटे आरएसएस पर प्रतिबंध की मांग कर रहे हैं।
