दिल्ली कार बम धमाके का आरोपी उमर ज्यादातर शाम और रात की करता था ड्यूटी, जांच एजेंसी के रडार पर अल-फलाह से जुड़े 200 लोग
नई दिल्ली। दिल्ली कार बम धमाके की जांच अब बड़ा दायरा लेती दिख रही है। जांच में कार बम धमाके के आरोपी डॉक्टर उमर उन नबी के बारे में एक और खुलासा हुआ है। न्यूज चैनल आजतक के मुताबिक अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर उमर उन नबी को ज्यादातर शाम या रात की शिफ्ट में रहता था। वो हफ्ते में सिर्फ एक या दो लेक्चर करता था। इस दौरान भी 15-20 मिनट ही वो मेडिकल स्टूडेंट्स को पढ़ाता। अब सवाल ये है कि उमर को शाम या रात की ही शिफ्ट देना और कम वक्त के लिए क्लास लेने की मंजूरी किस वजह से मिली थी?
नई दिल्ली। दिल्ली कार बम धमाके की जांच अब बड़ा दायरा लेती दिख रही है। जांच में कार बम धमाके के आरोपी डॉक्टर उमर उन नबी के बारे में एक और खुलासा हुआ है। न्यूज चैनल आजतक के मुताबिक अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर उमर उन नबी को ज्यादातर शाम या रात की शिफ्ट में रहता था। वो हफ्ते में सिर्फ एक या दो लेक्चर करता था। इस दौरान भी 15-20 मिनट ही वो मेडिकल स्टूडेंट्स को पढ़ाता। अब सवाल ये है कि उमर को शाम या रात की ही शिफ्ट देना और कम वक्त के लिए क्लास लेने की मंजूरी किस वजह से मिली थी?
दिल्ली में लाल किला के पास सोमवार 10 नवंबर 2025 की शाम 6.50 बजे कार में धमाका हुआ था। इस धमाके में मरने वालों की संख्या 15 है। जबकि, दो दर्जन के करीब लोग घायल हुए थे। कार को डॉक्टर उमर उन नबी चला रहा था। घटना वाले दिन सुबह ही जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जैश के मॉड्यूल में शामिल होने के आरोप में अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर मुजम्मिल गनई और शाहीन सईद को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मुजम्मिल के एक किराए के कमरे से बड़ी तादाद में आईईडी बनाने का सामान और विस्फोटक बरामद किए थे। जबकि, शाहीन की कार से वो एके-47 रायफल बरामद कर चुकी थी। इससे पहले अनंतनाग में डॉक्टर आदिल राठर के लॉकर से भी एके-47 मिली थी। जैश के इस मॉड्यूल का खुलासा 17 अक्टूबर को श्रीनगर के नौगाम में चस्पा किए गए पोस्टरों की जांच के बाद हुआ था।
