बिहार चुनाव में कांग्रेस की दुर्गति के बाद पार्टी में उठने लगी आवाज
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कांग्रेस की दुर्गति के बाद अब पार्टी में इसकी समीक्षा करने और जिम्मेदार नेताओं के इस्तीफे की मांग उठ रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद तारिक अनवर ने ये मांग उठाई है। कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि चुनाव में शर्मनाक हार के बाद प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को तुरंत समीक्षा बैठक बुलानी चाहिए थी। कांग्रेस नेता ने ये भी लिखा कि बिहार का चुनाव हारने में जिन लोगों की प्रत्यक्ष या परोक्ष भूमिका रही, उनको नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए खुद अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए था। उन्होंने धरना देने पर भी सवाल उठाया है। यही बात तारिक अनवर ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में भी कही।
दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 61 सीट पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। इनमें से सिर्फ 6 ही जीतकर बिहार विधानसभा पहुंच सके। कांग्रेस ने इससे पहले 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में 70 सीट पर चुनाव लड़ा था। तब उसके 19 प्रत्याशी जीते थे। इस बार चुनाव से पहले बिहार कांग्रेस के सूत्रों ने मीडिया को बताया था कि राज्य स्तरीय नेताओं ने आलाकमान से कहा है कि पार्टी को अकेले दम पर चुनाव लड़ना चाहिए। जब 2020 में कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रही थी, तब ये बात उठ रही थी कि आरजेडी ने उसे मजबूत सीटें नहीं दी। इस बार तो आरजेडी और महागठबंधन के अन्य दलों के साथ सीट बंटवारे पर भी पेच फंसा और कई जगह आपस में ही विपक्ष के प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा।
बिहार चुनाव से पहले राहुल गांधी ने वोट चोरी का आरोप लगाया। फिर वोटर अधिकार यात्रा के नाम से बिहार के 25 जिलों में 1300 किलोमीटर की दूरी तय की, लेकिन करिश्मा नहीं कर सके। राहुल के पूरे यात्रा रूट में कांग्रेस सिर्फ 1 सीट ही जीत सकी। वहीं, बिहार के सीमांचल इलाके में भी कांग्रेस को वोटरों ने नकार दिया। जबकि, सीमांचल में कांग्रेस को पहले सीटें मिलती रही हैं। ऐसे में अब कांग्रेस के ही नेता तारिक अनवर सार्वजनिक तौर पर सवाल उठा रहे हैं कि पार्टी समीक्षा क्यों नहीं कर रही और जिम्मेदारों के इस्तीफे क्यों नहीं हुए? खास बात ये है कि बिहार में जिन कृष्णा अल्लावरु को कांग्रेस ने प्रभारी बनाया, वो अब तक एक भी चुनाव नहीं लड़े हैं। अल्लावरु का भी कांग्रेस में विरोध हो रहा था।
