अमेरिका ने मान लिया तमाम मदद के बावजूद रूस से जंग नहीं जीत सकता यूक्रेन!, शांति प्रस्ताव को मानने के लिए तय की ये डेडलाइन
वॉशिंगटन। रूस और यूक्रेन के बीच बीते करीब चार साल से जंग जारी है। न रूस अब तक इस जंग को जीत सका है और न यूरोपीय देशों और अमेरिका से मदद पाने के बाद यूक्रेन ही। अब अमेरिका ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के सामने 28 सूत्रीय शांति योजना रखी है। इस पर 27 नवंबर तक फैसला लेने के लिए कहा गया है। दूसरी तरफ, अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने जो बयान दिया है, उससे साफ है कि अमेरिका भी ये मान चुका है कि उसकी और यूरोपीय देशों की तमाम मदद के बावजूद रूस से यूक्रेन जंग नहीं जीत सकता।
अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि शांति प्रस्ताव की योजना को कुछ लोग गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। यूरोपीय देशों के नेताओं का नाम लिए बगैर वेंस ने कहा कि सपनों में जीने वाले नेताओं को ये समझना चाहिए कि ज्यादा पैसा, हथियार या रूस पर प्रतिबंध लगाने से जीत नहीं मिलेगी। वहीं, मीडिया ने जब डोनाल्ड ट्रंप से पूछा कि क्या आपका शांति प्रस्ताव अंतिम है, तो अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि बिल्कुल नहीं। ट्रंप से इसके बाद ये पूछा गया कि अगर जेलेंस्की इस प्रस्ताव को मानने से इनकार करते हैं, तो अगला कदम क्या होगा? इस पर अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि तो वो अपनी पूरी ताकत से लड़ सकते हैं।
खबर ये भी है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को अमेरिका ने साफ कहा है कि वो हकीकत को स्वीकार कर लें। उनको शांति प्रस्ताव पर राजी होना होगा। ट्रंप ने कहा है कि अगर गुरुवार तक यूक्रेन इस शांति प्रस्ताव को नहीं मानता, तो उसे अमेरिका का समर्थन कमजोर हो सकता है। इन सबके बीच यूक्रेन की सरकार के वरिष्ठ अधिकारी रुस्तम उमेरोव ने बताया है कि अगले हफ्ते जेनेवा में अमेरिका और यूरोपीय देशों के राजनयिकों के बीच अहम बैठक होगी। जिसमें प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी।
अभी तक की जानकारी के मुताबिक अमेरिका के शांति प्रस्ताव में है कि जीता हुआ डोनबास का इलाका रूस को मिलेगा। जाप्रोजिया संयंत्र से आधी बिजली भी रूस को मिलेगी। यूक्रेन को सेना और हथियार में कटौती करनी होगी। उसे नाटो की सदस्यता भी नहीं दी जाएगी। बदले में रूस के जब्त 100 अरब डॉलर से यूक्रेन का फिर से निर्माण होगा।
