इंडिगो एयरलाइंस संकट मामले में जनहित याचिका पर त्वरित सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
नई दिल्ली। इंडिगो एयरलाइंस का संकट अभी थमा नहीं है और विमानों के कैंसिल होने का सिलसिला जारी है। आज सातवें दिन भी इंडिगो की देशभर में 200 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। उधर, सुप्रीम कोर्ट ने इंडिगो संकट मामले में त्वरित सुनवाई से इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि सरकार इस मामले में कदम उठा रही है, उन्हें ही इसे संभालने दें। कोर्ट ने कहा कि हम एयरलाइन नहीं चला सकते। कोर्ट ने कहा, लाखों लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं और इस बात को हम समझते हैं लेकिन सरकार कार्रवाई कर रही है।
बता दें कि याचिकाकर्ता के वकील 6 दिसंबर को सीजेआई सूर्यकांत के घर पहुंचे थे और उनसे इस केस में स्वत: संज्ञान लेते हुए तत्काल सुनवाई करने की मांग की थी। उधर, इंडिगो की सैकड़ों उड़ानें रद्द होने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया है कि प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए केंद्र को निर्देश दिया जाए। दिल्ली हाईकोर्ट में यह याचिका बुधवार को सुनवाई के लिए लिस्ट की जाएगी। इससे पहले सरकार ने शनिवार को एयरलाइन्स के मनमाने किराए पर रोक लगा दी थी।
सरकार ने स्पष्ट किया था कि सभी एयरलाइन्स फेयर कैप यानी कि अधिकतम किराया सीमा से ज्यादा कीमत पर टिकट बिक्री नहीं कर सकतीं। इसी के साथ सरकार ने 500 किमी की दूरी तक 7500 रुपए, 500-1000 किमी तक 12 हजार रुपए किराया तय किया था। वहीं, अधिकतम किराया 18 हजार रुपए तक फिक्स किया है। हालांकि बिजनेस क्लास के लिए किराए की यह सीमा लागू नहीं होगी। उधर भारतीय रेलवे 37 प्रीमियम ट्रेनों में 116 अतिरिक्त कोच लगाकर मदद को आगे आई हालांकि उससे हालात नियंत्रण में नहीं आ सके। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो संकट मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए 4 सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया है।
