असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम के साथ मिलकर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ने का हुमायूं कबीर का एलान, बाबरी मस्जिद की नींव रख पैदा किया है विवाद
मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रखने के कारण टीएमसी से सस्पेंड विधायक हुमायूं कबीर ने अब बड़ा एलान किया है। हुमायूं कबीर ने चैनल न्यूज18 से बातचीत में कहा कि वो अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा में 135 सीट पर प्रत्याशी उतारेंगे। हुमायूं कबीर ने कहा है कि वो नई पार्टी बनाएंगे। ममता बनर्जी की टीएमसी को एक बार फिर पश्चिम बंगाल की सत्ता में न आने देने की बात भी हुमायूं कबीर ने कही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी को भी नहीं जीतने देंगे। हुमायूं कबीर ने ये खुलासा भी किया कि उनकी इस बारे में एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी से बात हुई है। ओवैसी की पार्टी से मिलकर वो चुनाव लड़ेंगे।
हुमायूं कबीर ने इससे पहले टीएमसी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर आरोप लगाया था कि वो बीजेपी और आरएसएस के इशारे पर काम कर रही हैं। बता दें कि हुमायूं कबीर टीएमसी के टिकट पर विधायक बनने के बाद कुछ वक्त ममता बनर्जी की सरकार में मंत्री भी रहे थे। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी ने हुमायूं कबीर को आगे कर वोटबैंक बचाने के लिए दांव चला है। वहीं, टीएमसी की सांसद शायनी घोष ने आरोप लगाया कि बीजेपी से साठ-गांठ कर हुमायूं कबीर पश्चिम बंगाल में माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। हुमायूं कबीर ने दोनों पार्टियों के आरोपों को गलत बताते हुए ममता बनर्जी और बीजेपी पर पलटवार किया है।
अयोध्या में बाबरी विध्वंस की शनिवार को 33वीं बरसी थी। इसी मौके पर मुस्लिम धर्मगुरुओं को बुलाकर मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद की नींव रखी। इससे पश्चिम बंगाल में सियासत काफी गर्माई है। जबकि, वीएचपी जैसे हिंदूवादी संगठन ये पूछ रहे हैं कि क्या देश के मुस्लिम इस कदम को सही मानते हैं? जबकि, कई मुस्लिम धर्मगुरुओं, विद्वानों और इमरान मसूद जैसे नेताओं ने हुमायूं कबीर के कदम को गलत बताया है। उनका कहना है कि मस्जिद का नाम बाबर के नाम पर नहीं रखना चाहिए था। इससे सांप्रदायिक सौहार्द्र खराब होता है।
