‘दीपावली’ यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल, पीएम नरेंद्र मोदी बोले, यह पर्व हमारी सभ्यता की आत्मा
नई दिल्ली। भारत के प्रमुख पर्व दीपावाली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल किया गया है। दिल्ली स्थित लाल किले में यूनेस्को की बैठक में दीपावली को इंटेन्जिबिल कल्चरल हेरिटेज (आईसीएच) की लिस्ट में शामिल करने का फैसला लिया गया है। वहीं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मोदी ने कहा, भारत और दुनिया भर के लोग रोमांचित हैं। हमारे लिए, दीपावली हमारी संस्कृति और लोकाचार से बहुत गहराई से जुड़ी हुई है। दीपावली का पर्व हमारी सभ्यता की आत्मा है। यह प्रकाश और धार्मिकता का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले, यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची में दीपावली के शामिल होने से इस त्योहार की वैश्विक लोकप्रियता अब और भी बढ़ जाएगी। प्रभु श्री राम के आदर्श हमें अनंत काल तक मार्गदर्शन करते रहें। बता दें कि यूनेस्कों की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर में उन परंपराओं, प्रदर्शन कलाओं, सामाजिक प्रथाओं, अनुष्ठानों, त्योहारों, पारंपरिक ज्ञान और कौशल को शामिल किया जाता है जो किसी समुदायों की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा होती हैं। जिनको आगे आने वाली पीढ़ी को हस्तांतरित किया जाता है।
दिल्ली में आयोजित यूनेस्को की बैठक में भारत के विदेश मंत्री डॉक्टर एस. जयशंकर ने सत्र का उदघाटन करते हुए परम्पराओं, भाषाओं, संगीत, शिल्प और अन्य अमूर्त धरोहर को संस्कृति की सबसे लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति करार दिया। उन्होंने कहा कि यह ऐसी विरासत है जो सबकी है, जिसे अनेक पीढ़ियों ने सहेजकर रखा और हर नई पीढ़ी इसे पहले से ज्यादा समृद्ध बनाती है। जयशंकर ने कहा, अमूर्त विरासत की पहचान से सिर्फ सांस्कृतिक गर्व नहीं होता, बल्कि इसकी लोगों की आजीविका और स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी बड़ी भूमिका होती है। इस बैठक में भारत के दीपावली पर्व को ‘अंधकार पर प्रकाश की विजय’ का वैश्विक प्रतीक बताया गया।
