इंडिगो एयरलाइंस संकट मामले में डीजीसीए ने चार फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टरों को किया सस्पेंड
नई दिल्ली। इंडिगो एयरलाइंस संकट मामले में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है। प्रारम्भिक जांच में इंडिगो की निगरानी कर रहे चार फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टरों के द्वारा लापरवाही उजागर हुई है जिसके चलते चारों को सस्पेंड कर दिया गया है। ये चारों फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे थे और इंडिगो उड़ानों की सुरक्षा और संचालन की जांच से जुड़े थे। डीजीसीए ने इन्हें सेफ्टी और नियमों की अनदेखी के लिए जिम्मेदार मानते हुए इन पर कार्रवाई की है। डीजीसीए ने इंडिगो एयरलाइंस के सीईओ पीटर एल्बर्स को भी तलब किया है।
इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय के द्वारा चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी पूरी पड़ताल के बाद अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी जिसके बाद जो भी जिम्मेदार पाए जाएंगे उन पर कार्रवाई होगी। हाल ही में इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स भी जांच कमेटी के सामने पेश हुए थे। आपको बता दें कि एक दिन पहले ही इंडिगो ने फ्लाइट्स कैंसिल होने के चलते अपने यात्रियों को हुई परेशानी के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। इंडिगो ने कहा कि फ्लाइट की दूरी, टिकट कैटेगरी और यात्री को हुई असुविधा के आधार पर 5 से 10 हजार रुपए तक का मुआवजा दिया जाएगा।
वहीं 3, 4 और 5 दिसंबर को जिन यात्रियों की फ्लाइट्स कैंसिल हुई थीं उनमें से जो एयरपोर्ट पर घंटों फंसे रहे और अत्यधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा उन्हें 10 हजार रुपए का ट्रैवल वाउचर देने की कंपनी की ओर से बात कही गई है। इससे पहले इसे केस से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडिगो संकट के समय अन्य एयरलाइंस के द्वारा मनमाना किराया बढ़ाए जाने पर सख्त नाराजगी जताई थी। अदालत ने केंद्र सरकार के सवाल किया कि ऐसी संकट की स्थिति कैसे उत्पन्न हुई और उसके समाधान के लिए आपने क्या किया?
