बैंकों का पैसा डकारकर ब्रिटेन भागे कारोबारी विजय माल्या की याचिका सुनने से बॉम्बे हाईकोर्ट का इनकार, कहा- पहले भारत लौटो
मुंबई। बैंकों का हजारों करोड़ डकारने के आरोपी भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को बॉम्बे हाईकोर्ट ने कड़ी चेतावनी दी है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि जब तक विजय माल्या वापस भारत नहीं लौटता, वो कारोबारी की याचिका को नहीं सुनेगा। विजय माल्या ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर भगोड़े आर्थिक अपराधी कानून (एफईओ) के प्रावधानों को चुनौती दी है। विजय माल्या भारत से फरार होने के बाद लंदन में है। ब्रिटेन की अदालतों ने विजय माल्या को भारत प्रत्यर्पित करने को मंजूरी दी थी, लेकिन कारोबारी ने याचिका पर याचिका लगाई और इस वजह से प्रत्यर्पण रुका हुआ है।
विजय माल्या की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि जो शख्स खुद को न्यायिक प्रक्रिया से दूर रखे हुए है, उसे राहत की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि अगर विजय माल्या को अपनी याचिका पर सुनवाई करानी है, तो पहले भारत लौटना होगा और कानून का सामना करना होगा। बॉम्बे हाईकोर्ट के इस रुख से साफ है कि देश की अदालतें विजय माल्या को किसी तरह का अवांछित राहत नहीं देना चाहतीं। विजय माल्या पर आरोप है कि बैंकों से किंगफिशर एयरलाइंस को मिले 9000 करोड़ रुपए से ज्यादा के कर्जों का भुगतान नहीं किया। विजय माल्या साल 2016 में भारत से फरार होकर ब्रिटेन चला गया था। साल 2018 में ब्रिटेन के कोर्ट ने विजय माल्या के प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी।
विजय माल्या का कहना है कि भारत में निष्पक्ष सुनवाई का मौका नहीं मिलेगा। विजय माल्या को 9 अप्रैल 2025 को एक और झटका लगा था, जब कारोबारी के खिलाफ दिवालियापन आदेश में दाखिल अपील को लंदन हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। इस दिवालियापन आदेश में कर्जदारों का बकाया 11000 करोड़ रुपए से ज्यादा का मामला था। विजय माल्या ने स्टेट बैंक (एसबीआई) से भी कर्ज लिया था। वैसे माना जा रहा है कि 2026 में विजय माल्या को ब्रिटेन से भारत प्रत्यर्पण कर दिया जाएगा। विजय माल्या की संपत्तियों को जब्त कर नीलाम किया गया था। जिससे काफी रकम बैंकों को वापस मिली है। वहीं, विजय माल्या का कहना है कि जितनी रकम देनी थी, उससे ज्यादा बैकों ने वसूल ली है।
