ईरान में नोबेल सम्मान विजेता नरगिस मोहम्मदी फिर गिरफ्तार, सुरक्षाकर्मियों पर जबरन घसीटकर ले जाने का आरोप
नई दिल्ली। नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित नरगिस मोहम्मदी को ईरान में एक बार फिर गिरफ्तार कर लिया गया है। जिस वक्त उनको गिरफ्तार किया गया वो ईरान के दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद में एक दिवंगत मानवाधिकार वकील खोसरो अलीकोर्दी की स्मृति सभा में शामिल होने गई थीं। नरगिस के पति तागी रहमानी के अनुसार सुरक्षाकर्मी ने उनको जबरन घसीट कर किसी अज्ञात जगह पर ले गए। नरगिस मोहम्मदी को 2024 में मेडिकल ग्राउंड पर जेल से अस्थायी तौर पर रिहाई मिली थी। महिलाओं और बच्चों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने तथा ईरान के ‘महसा अमिनी’ विरोधी आंदोलन के लिए नरगिस मोहम्मदी को साल 2023 में नोबेल का शांति पुरस्कार दिया गया था।
नरगिस मोहम्मदी को अचानक इस तरह से गिरफ्तार किए जाने को लेकर उनके समर्थकों में काफी रोष है। वहीं ईरान की खामेनेई सरकार ने फिलहाल नरगिस की गिरफ्तारी को लेकर कोई बयान जारी नहीं किया है। उधर, नरगिस के समर्थकों की ओर से एक वीडियो पोस्ट किया गया है जिसमें दिवंगत वकील की स्मृति सभा में नरिगस मोहम्मदी बिना हिजाब के पहुंची थीं और भीड़ को संबोधित करते हुए नारे लगवा रही थीं। नरगिस को 13 बार गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और अब तक 36 साल जेल में बिता चुकी हैं।
जेल में रहते हुए नरगिस की तबियत काफी खराब हो गई उनको कई बार-बार दिल का दौरा पड़ा और 2022 में उनकी आपातकालीन सर्जरी करानी पड़ी थी। पिछले साल के अंत में उनकी हड्डी में पाई गई गांठ को लेकर कैंसर का खतरा डॉक्टरों ने जताया था। फरवरी 2025 में नरगिस के डॉक्टरों ने उनकी मेडिकल बेल को कम से कम 6 महीने और बढ़ाने की सिफारिश की थी। उधर, नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी की ओर से नरगिस मोहम्मदी की गिरफ्तारी पर चिंता जताते हुए बिना शर्त और तुरंत रिहाई की मांग ईरानी अधिकारियों से की है। वहीं 80 से अधिक वकीलों ने हस्ताक्षर करके पूरे मामले की जांच कराने की मांग उठाई है।
