पश्चिम बंगाल में 13 लाख वोटरों के माता-पिता का नाम एक!, एसआईआर से हुआ खुलासा
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में वोटरों का गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर खत्म हो चुका है। अब चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल के लिए 16 दिसंबर को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करेगा। वहीं, चैनल न्यूज18 ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर से तमाम गड़बड़ियों का पता चला है। न्यूज चैनल की खबर के मुताबिक पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान पता चला कि 85 लाख वोटरों के पिता का नाम गलत है। वहीं, 13.5 लाख ऐसे वोटर भी मिले हैं, जिनमें माता-पिता का नाम एक ही है। अब ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करने से पहले चुनाव आयोग इन मामलों की गहन जांच करा रहा है।
पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्टों में ऐसी बड़ी गड़बड़ियों का पता पहली बार चला है। चुनाव आयोग ने पहले बताया था कि वो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के जरिए पश्चिम बंगाल के वोटरों के एसआईआर को पूरा करेगा। एआई का इस्तेमाल कर ये पता लगाया जा सकता है कि वोटरों का नाम दर्ज करने में कोई गड़बड़ी तो नहीं हुई। साथ ही एक से ज्यादा वोटरों की एक जैसी जानकारी को भी चुनाव आयोग एआई के जरिए फिल्टर कर सकता है। इससे पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट को पूरी तरह शुद्ध किया जा सकेगा। पश्चिम बंगाल में वोटरों के मसले पर सियासत गर्माई रहती है। वोटरों के मुद्दे पर सत्तारूढ़ टीएमसी और विपक्षी बीजेपी के बीच बयानों की जंग होती रहती है।
दरअसल, बीजेपी का आरोप है कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की टीएमसी के वोटर बांग्लादेशी घुसपैठिए और रोहिंग्या हैं। टीएमसी इस आरोप को गलत बताती है। टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने ये चेतावनी भी दी है कि अगर चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में एक भी वैध वोटर का नाम काटा, तो वो धरने पर बैठ जाएंगी। पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ये कह चुके हैं कि बिहार के बाद अब बीजेपी और एनडीए को पश्चिम बंगाल जीतना है। पीएम मोदी और शाह के इस बयान के बाद ममता बनर्जी और बिफरी हैं।
