अब पश्चिम बंगाल की अदीना मस्जिद का मामला पहुंचा कलकत्ता हाईकोर्ट, जानिए याचिका में क्या किया गया है दावा
कोलकाता। देशभर में कई जगह मंदिर-मस्जिद विवाद चल रहे हैं। इनमें अब पश्चिम बंगाल के मालदा जिले स्थित प्रसिद्ध अदीना मस्जिद भी शामिल हो गई है। मालदा जिले के पांडुआ में अदीना मस्जिद है। ये वही मस्जिद है, जहां क्रिकेटर और टीएमसी सांसद यूसुफ पठान गए थे। कलकत्ता हाईकोर्ट में सोमवार को अदीना मस्जिद मामले में दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। कलकत्ता हाईकोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई से पूछा है कि क्या उसने कभी अदीना मस्जिद या उसके परिसर में धार्मिक चरित्र को औपचारिक तौर पर तय किया है? इस मामले में अब 10 फरवरी को अगली सुनवाई होनी है।
सनातन वैदिक धर्म के अनुयायियों और मूर्तिपूजा करने वालों ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अदीना मस्जिद संबंधी याचिका कलकत्ता हाईकोर्ट में दी है। याचिका देने वालों का आरोप है कि एएसआई उनके धार्मिक अधिकारों का हनन कर रहा है। याचिका में दावा किया गया है कि जिसे अदीना मस्जिद कहा जाता है, वो प्राचीन काल का श्री आदिनाथ मंदिर है। कलकत्ता हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि श्री आदिनाथ का मंदिर होने के बावजूद हिंदुओं को वहां पूजा करने की मंजूरी नहीं दी जा रही है। जबकि, मुस्लिम समुदाय को नमाज अदा करने दिया जाता है। याचिका में कहा गया है कि ऐसा संविधान के तहत मिले धार्मिक अधिकार संबंधी प्रावधान का उल्लंघन है।
अदीना मस्जिद के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में ये भी दावा किया गया है कि शोध और ऐतिहासिक सबूत साफ कहते हैं कि इसकी जगह पहले हिंदू मंदिर था। याचिका में दावा किया गया है कि अदीना मस्जिद में देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी हैं। याचिका में कहा गया है कि इस वजह से अदीना मस्जिद में हिंदुओं को पूजा-अर्चना करने का मौलिक अधिकार है और मुस्लिम समुदाय को अदीना मस्जिद में नमाज पढ़ने की मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए। अदीना मस्जिद मामले में दाखिल याचिका में ये भी कहा गया है कि 16 दिसंबर 2024 को केंद्र सरकार और एएसआई को पूजा करने की मंजूरी के लिए प्रतिवेदन दिया गया था, लेकिन दोनों इस पर चुप हैं।
