पूरे साल के लिए तय नहीं की जा सकती हवाई किराए की सीमा, लोकसभा में बोले नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू
नई दिल्ली। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने आज लोकसभा में कहा कि हवाई जहाज के किराए पर पूरे साल के लिए कैपिंग (सीमा तय करना) नहीं लगाई जा सकती। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर सरकार इस मामले में दखल देती है लेकिन किसी खास रूट पर पूरे साल एक ही किराया तय रखना व्यवहारिक तौर पर संभव नहीं है। इसके पीछे वजह है कि टिकट का फाइनल प्राइस मार्केट की डिमांड और सप्लाई पर निर्भर करता है। त्योहार के समय एयरलाइंस कंपनियों के द्वारा किराया बढ़ाए जाने संबंधी चिंताओं के बीच उड्डयन मंत्री ने यह बात कही है। उन्होंने कहा कि त्योहारी मौसम में यात्रियों के लोड को देखते हुए एयरलाइंस को क्षमता बढ़ाने की सलाह दी गई है। उड़ान रूट का विस्तार करने के साथ उड़ानों की संख्या भी बढ़ाई गई है।
राम मोहन नायडू बोले, वर्तमान विमान अधिनियम के अनुसार, केंद्र सरकार के पास यह अधिकार है कि असाधारण परिस्थितियों में, जब हवाई किराए के उदारीकरण के दुरुपयोग की संभावना हो, तो वह हस्तक्षेप करके स्थिति को सुधार सकती है और किराए पर सीमा निर्धारित कर सकती है, ताकि यात्रियों को उस समय अनुचित मूल्य निर्धारण का सामना न करना पड़े। हवाई टिकटों की कीमतों पर नजर रखने के लिए डीजीसीए में एक टैरिफ मॉनिटरिंग यूनिट है, जो यह देखती है एयरलाइंस कंपनियों के लिए टैरिफ शीट के हिसाब से किराया तय लिया जा रहा है या नहीं।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, एयरफेयर रेगुलेशन में दो बातें साथ चलनी चाहिए, पहली यह कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई कंप्रोमाइज न हो और दूसरी बात यह कि मार्केट का ग्रोथ हो। उन्होंने कहा कि प्रॉपर समाधान तब ही निकलेगा जब डिमांड बढ़ने के साथ क्षमता भी बढ़ाई जाए। उन्होंने एक बार फिर कि सरकार के इस बात की शक्ति है कि असाधारण परिस्थितियों में फेयर कैप लगा सके मगर यह स्थाई समाधान नहीं है।
